Coronavirus Updates: WHO ने कहा दो साल में खत्म होगा कोरोना

Coronavirus India: देश में पिछले 24 घंटे में 69,878 नए मामले, कोरोना संक्रमण का कुल आंकड़ा 30 लाख के करीब पहुंचा दो साल से कम समय में धरती से खत्म होगा कोरोना - WHO

Updated: Aug 22, 2020 07:07 PM IST

Coronavirus Updates: WHO ने कहा दो साल में खत्म होगा कोरोना
Photo Courtesy: the financial express

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों में शनिवार को लगातार तीसरे दिन बड़ा उछाल देखने को मिला है। शनिवार को 69,878 नए कोरोना केस सामने आए हैं। यह अबतक के एक दिन में सामने आने वाले संक्रमित मरीजों का सर्वाधिक संख्या है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उम्मीद जताई है कि दो साल से कम समय में धरती से कोरोना संक्रमण खत्म हो जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 945 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। इसी के साथ मृतकों के कुल आंकड़ा बढ़कर 55 हजार 794 हो गया है। देशभर में कोरोना मरीजों का कुल आंकड़ा 29 लाख 75 हजार 702 है। इनमें से 22 लाख 22 हजार 578 मरीज ठीक हो गए हैं वहीं 6 लाख 97 हजार 330 एक्टिव केस हैं। भारत में कोरोना संक्रमण का कुल आंकड़ा 30 लाख के करीब पहुंच गया है। राहत की बात यह है कि संक्रमण से ठीक होने का दर काफी तेजी से बढ़ा है और अबतक 22 लाख से ज्यादा मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

भारत में कोरोना टेस्टिंग रेट में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में अब एक दिन में 10 लाख से ज्यादा कोरोना टेस्टिंग हो रहे हैं। भारत में 21 अगस्त तक कुल 3 करोड़ 44 लाख 91 हजार से ज्यादा सैंपल जांचे गए हैं। वहीं शुक्रवार को 10 लाख 23 हजार 836 सैंपल की जांच हुई।

2 साल से कम समय में खत्म होगा कोरोना

दुनियाभर में बेतहाशा बढ़ रहे संक्रमण के आंकड़ों के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक राहत की बात कही है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि दो साल से कम समय में धरती से कोरोना संक्रमण खत्म हो जाएगा। संगठन को उम्मीद है कि इस संक्रमण के खात्मे में स्पैनिश फ्लू से भी कम वक्त लगेगा। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेडरोस अधानोम घेब्रेसस ने शुक्रवार को कहा कि यह महामारी दो साल के भीतर खत्म हो सकती है। हालांकि, इसके लिए उन्होंने दुनियाभर के देशों से एकजुट होने और एक सर्वमान्य वैक्सीन बनने में सफलता मिलने की जरूरत पर बल दिया है।