गैर मजहबी विवाह करने वालों को संरक्षण देगी दिल्ली सरकार, सेफ हाउस तैयार

प्यार करने वालों को दिल्ली सरकार का बड़ा तोहफा, प्यार के पहरेदारों से प्रेमी जोड़ों को बचाने के लिए बनाया सेफ हाउस, अंतर-जातीय और गैर मजहबी विवाह करने वालों को मिलेगी सुरक्षा

Publish: Mar 28, 2021, 12:13 PM IST

गैर मजहबी विवाह करने वालों को संरक्षण देगी दिल्ली सरकार, सेफ हाउस तैयार

नई दिल्ली। प्यार करने वालों को दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। केजरीवाल सरकार ने गैर-मजहबी और अंतर-जातीय विवाह करने वालों व प्रेमी जोड़ों को पूर्ण संरक्षण देने का ऐलान किया है। आप सरकार ने इसके लिए बाकायदा SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी जारी कर दिया है। इसके मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में ऐसे प्रेमी जोड़ों को बाकायदा सेफ हाऊस मुहैया कराया जाएगा।

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने अंतरजातीय या दूसरे धर्म में शादी करने वालों और ऐसे कुंवारे जोड़ों के लिए स्पेशल सेल गठित करने का निर्देश दिया है जिनके रिश्ते का विरोध उनका परिवार, स्थानीय समुदाय या खाप कर रहा है। ऐसे जोड़ों को उत्पीड़न से बचाने और सुरक्षा देने के लिए दिल्ली सरकार ने 'सेफ हाउस' बनाने का निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि जिन जोड़ों के रिश्ते का विरोध उनका परिवार, स्थानीय समुदाय या खाप कर रहा है, उन्हें सेफ हाउस मुहैया कराया जाएगा। इतना ही नहीं इन जोड़ों के लिए एक 24 घंटे काम करने वाला हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया जाएगा।

दिल्ली महिला आयोग की मौजूदा टोल फ्री हेल्पलाइन 181 ही इस स्पेशल सेल की 24 घंटे की हेल्पलाइन के तौर पर काम करेगी। इसी के जरिए उन्हें हर जरूरी मदद दी जाएगी।  दिल्ली सरकार के सर्कुलर के मुताबिक, अगर किसी अंतर-जातीय या फिर गैर-मजहबी शादी करने वाले जोड़ों को धमकियां दी जा रही हैं तो उनको सेफ हाउस में रखा जाएगा। ऐसे जोड़े किसी भी प्रकार की मदद के लिए दिल्ली महिला आयोग के टोल फ्री नंबर 181 पर कॉल कर सकते हैं।

दिल्ली सरकार कॉल करने वालों की गोपनीयता का ध्यान वैसे ही रखेगी जैसे संकट में पड़ी महिलाओं की गोपनीयता का रखा जाता है। हालांकि, कॉल आने के बाद सबसे पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शिकायतकर्ता बालिग है या नहीं। इसके बाद इलाके के डिप्टी पुलिस कमिश्नर को सूचना दी जाएगी। डीसीपी ही स्पेशल सेल के प्रमुख के तौर पर काम करेंगे।

डीसीपी पूरे मामले की जानकारी इलाके के डीएम को देंगे और यह बताएंगे कि जोड़े को सेफ हाउस में रहना है। अगर जोड़ा सेफ हाउस में नहीं रहना चाहता है तो स्पेशल सेल उन्हें उनके रहने के स्थान पर थ्रेट परसेप्शन के आधार पर सुरक्षा मुहैया कराएगी। जोड़े को पीएसओ के रूप में पर्याप्त सुरक्षा दी जाएगी और खतरे के बारे में बताया जायेगा और किसी भी सूरत में समस्या का समाधान होने से पहले उन्हें उजागर नहीं किया जाएगा। 

केजरीवाल सरकार के इस पहल को लेकर देशभर में चर्चाएं शुरू हो गई है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ऐसे समय में गैर मजहबी जोड़ों के संरक्षण के लिए आगे आई है जब देश के कई राज्यों में धर्मांतरण कानून के सहारे प्रेम को लव जिहाद का रूप देकर प्रेमी जोड़ों को परेशान करने की लगातार खबरें आ रहीं हैं।