कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ा कर हो रही थी शादी, मौके पर पहुंचे डीएम ने फाड़ा परमिशन लेटर, पुजारी को भी जड़ा थप्पड़

अगरतला के एक मैरिज हॉल में कोरोना के नियमों का उल्लंघन कर शादी समारोह चल रहा था, इसी दौरान पश्चिम त्रिपुरा के डीएम शैलेश यादव अचानक मैरिज हॉल पहुंच गए, इसके बाद वे वहां पर मौजूद सभी लोगों पर भड़क गए, मैरिज हॉल में उस समय कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, डीएम ने शादी का परमिशन लेटर भी फाड़ दिया, डीएम ने कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में 31 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया

Publish: Apr 28, 2021, 01:15 PM IST

कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ा कर हो रही थी शादी, मौके पर पहुंचे डीएम ने फाड़ा परमिशन लेटर, पुजारी को भी जड़ा थप्पड़
Photo Courtesy: liveHindustan.com

अगरतला। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के मैरिज हॉल में शादी करना एक परिवार को भारी पड़ गया। सोमवार देर रात हो रही शादी में अचानक ही पश्चिम त्रिपुरा के डीएम शैलेश यादव ने एंट्री ले ली। कोरोना के नियमों का उल्लंघन तथा नाइट कर्फ्यू की अवहेलना होता देख डीएम वहां मौजूद लोगों पर भड़क उठे। तुरंत ही डीएम ने अपना रौद्र रूप धारण किया और शादी का परमिशन लेटर फाड़ दिया। इसके साथ ही शादी की रस्म करा रहे पुजारी को भी डीएम ने थप्पड़ जड़ दिया। 

दरअसल 22 अप्रैल से अगरतला में नाइट कर्फ्यू लागू है। लेकिन इसके बावजूद सोमवार देर रात एक मैरिज हॉल में नाइट कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए भारी संख्या में लोग वहां उपस्थित थे। इसकी सूचना जब डीएम शैलेश यादव को मिली तब वे तत्काल ही मैरिज हॉल पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचने पर डीएम का पारा और चढ़ गया था। मैरिज हॉल में कुछ पुलिस कर्मी पहले से ही मौजूद थे, और वे इस शादी समारोह को रोकने के बनिस्बत खुद उसमें शिकरत कर रहे थे। 

यह सब देख डीएम शैलेश यादव अपना आपा खो बैठे। सबसे पहले उन्होंने वहां से बैंड बाजे वालों को भगाया। इसके बाद डीएम ने शादी की रस्मों को संपन्न करा रहे पुजारी को भी थप्पड़ जड़ दिया। डीएम की कार्रवाई के दौरान जब दूल्हे के मां बाप ने डीएम को शादी का परमिशन लेटर दिखाया, तब उन्होंने उस परमिशन लेटर को भी फाड़ दिया। अब तक डीएम अपना आपा इस कदर हो चुके थे, कि वे अपनी भाषा की मर्यादा तक लांघ चुके थे। 

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डीएम शैलेश यादव ने तुरंत आला प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर शादी समारोह में मौजूद पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के लिए कहा। इसके बाद शादी समारोह में मौजूद 19 महिलाओं सहित कुल 31 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। बाकी के लोग गिरफ्तारी के डर से मैरिज हॉल से भाग खड़े हुए। डीएम ने शादी के दो मंडपों को एक साल के लिए बंद करने का भी आदेश दे दिया। 

अगले दिन त्रिपुरा में डीएम की इस कार्रवाई पर बीजेपी के विधायकों ने हंगामा मचा दिया। विधायक सुशांत चौधरी सहित बीजेपी के कुल पांच विधायकों ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर डीएम के इस रवैए की शिकायत कर डाली और जल्द ही डीएम पर कार्रवाई करने की मांग की। बीजेपी विधायकों ने यह आरोप लगाया कि डीएम शैलेश यादव अमूमन इस तरह की हरकत करते रहते हैं। बीजेपी विधायकों का कहना था कि कुछ दिन पहले ही डीएम बीजेपी के विधायकों के साथ भी भिड़ गए थे। 

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डीएम की इस कार्रवाई की खबर जब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब तक पहुंची तब उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार को इस पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। हालांकि खुद डीएम शैलेश यादव ने अपने रवैए के लिए माफी मांग ली है। शैलेश यादव ने मंगलवार रात को मीडिया से कहा कि अगर मेरी इस कार्रवाई की वजह से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं माफी मांगता हूं। लेकिन मैंने यह कार्रवाई समाज के व्यापक हितों को देखते हुए की थी।मैंने यह कार्रवाई कोरोना के नियमों का पालन करने के लिए लोगों तक एक कड़ा संदेश पहुंचाने हेतु की थी। 

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इतना ही नहीं डीएम शैलेश यादव ने मीडिया से यह भी कहा कि यह सभी लोग खुद को पढ़ा लिखा समझते हैं। इस संकट काल में एक तरफ ये लोग कोरोना से बचाव के लिए एहतियात नहीं बरतते, वहीं दूसरी तरफ सरकार को जिम्मेदार ठहराने लग जाते हैं। डीएम ने कहा कि मैं खुद पश्चिम त्रिपुरा थाने के जवाबदार पुलिस अधिकारी को निलंबित करने की मांग करता हूं।