आज मार्केट में आ जाएगी DRDO की एंटी कोरोना मेडिसिन, 2-DG के 10 हजार पैकेट बांटें जाएंगे

DRDO द्वारा विकसित एंटी कोविड दवा 2-DG के 10 हजार पैकेट आज बाजार में आएंगे, इसके इस्तेमाल से न केवल मरीज जल्दी ठीक होते हैं, बल्कि ऑक्सीजन पर निर्भरता भी कम होती है

Publish: May 17, 2021, 09:32 AM IST

आज मार्केट में आ जाएगी DRDO की एंटी कोरोना मेडिसिन, 2-DG के 10 हजार पैकेट बांटें जाएंगे
Photo Courtesy: NDTV

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में भारत को आज एक अहम हथियार मिलने वाला है। कोरोना संक्रमितों के लिए रामबाण मानी जा रही दवा 2DG की पहली खेप आज देश में बांटी जाएगी। सोमवार को इस दवा के लॉन्चिंग के साथ ही इसके 10 हजार डोज अस्पतालों को दिए जाएंगे। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों की रिसर्च और कड़ी मेहनत के बाद भारत ने इस दवा को तैयार किया है।

दिल्ली के डीआरडीओ भवन में आज होने वाले एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन की मौजूदगी में देश के कुछ चुनिंदा अस्पताल के डॉक्टरों को 10 हजार दवा के पैकेट सौपेंगे। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने इस दवा डाक्टर रेड्डी लैब्स के साथ मिलकर बनाई है। इसकी ट्रायल 110 मरीजों पर की गई थी जिसके नतीजे काफी सकारात्मक रहे। इसके बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दवा एक पाउडर की तरह सैशे में आती है जिसे आसानी से पानी में घोलकर मरीजों को दिया जा सकता है। इस दवा का पूरा नाम 2-DG यानी डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (Deoxy D Glucose) है। यह दवा सिर्फ डॉक्टरों के प्रेस्क्रिप्शन और इलाज के प्रोटोकॉल का तहत मरीजों को दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि इसके इस्तेमाल से न केवल मरीज जल्द ठीक होंगे, बल्कि ऑक्सीजन पर उनकी निर्भरता भी कम होगी।

कैसे काम करती है यह दवा

DRDO के डॉक्टर एके मिश्रा ने इस दवा के कार्यप्रणाली के बारे में मीडिया को बताया है कि, 'किसी भी वायरस के ग्रोथ में ग्लूकोज का होना जरूरी होता है। ग्लूकोज के अभाव में वायरस के मरने की चांस बढ़ जाती है। हमने दवा में ग्लूकोज का एक एनालॉग मिलाया है। कोरोना वायरस इसे ग्लूकोज समझकर खाएगा, लेकिन यह ग्लूकोज नहीं है, और ऐसे में वायरस की मौत हो जाएगी। यही इस दवा का बेसिक प्रिंसिपल है।

गौरतलब है कि भारत में अबतक कोरोना के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रेमेडेसीवीर इंजेक्शन और फैबिफ्लू जैसी दवाएं दी जा रही है। वहीं टीका के तौर पर कोविशिल्ड और कोवैक्सीन के बाद रूसी वैक्सीन स्पूतनिक V को भी मंजूरी दी गई है। 2- DG के आने के बाद मरीजों के इलाज में और मदद मिलने की उम्मीद है।