बंगाल में हर चौथा व्यक्ति कोरोना से संक्रमित, कोलकाता में पॉज़िटिविटी रेट 50 फीसदी के पार

अप्रैल महीने की शुरुआत में बंगाल में पॉज़िटिविटी रेट लगभग 5 फीसदी के पास था, लेकिन राजनीतिक रैलियों के कारण राज्य में संक्रमण बढ़ता गया

Publish: Apr 26, 2021, 10:20 AM IST

बंगाल में हर चौथा व्यक्ति कोरोना से संक्रमित, कोलकाता में पॉज़िटिविटी रेट 50 फीसदी के पार
Photo Courtesy: News 18.com

कोलकाता। विधानसभा चुनावों के लिए नेताओं के प्रचार का खामियाजा पश्चिम बंगाल की जनता को भुगतना पड़ा है। पश्चिम बंगाल में अब हर चौथा व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है। राजधानी कोलकाता और उसके आसपास के हालात तो और भी बदतर हो चुके हैं। वहां हर दूसरा व्यक्ति कोरोना से संक्रमित मिल रहा है। 

संक्रमण के इस आंकड़े का खुलासा अंग्रेज़ी के एक अख़बार ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। अंग्रेज़ी अख़बार की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस समय पश्चिम बंगाल में आरटी पीसीआर जांच कराने वाले हर चौथे व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। इतना ही नहीं कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में पॉजिटिविटी रेट 45 से 55 फीसदी तक पहुंच गया है। जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में पॉजिटिविटी रेट 24 फीसदी के करीब है। 

यह भी पढ़ें : ग्वालियर: मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बंगले के बाहर चादर बिछा कर लेट गए भाजपा नेता, मंत्री के स्टाफ ने की बदतमीजी

लेकिन राज्य में ये हालात रातों रात नहीं पनपे हैं। अप्रैल महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल में पॉज़िटिविटी रेट 5 फीसदी ही था। लेकिन जैसे जैसे चुनावी प्रचार बढ़ा वैसे वैसे वायरस का संक्रमण भी बढ़ता चला गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जैसे ही कोरोना के बढ़ते मामलों को देखा उन्होंने तत्काल ही पश्चिम बंगाल में अपनी रैलियां रद्द कर दी। 

यह भी पढ़ें : कोरोना की लड़ाई में मोदी सरकार से 100 कदम आगे हैं राहुल गांधी, अपने मुखपत्र सामना में शिवसेना ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

वहीं ममता बनर्जी ने भी पश्चिम बंगाल में बचे आखिरी चार चरणों के चुनाव एक साथ कराने की मांग की। लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी बात को नहीं माना। दूसरी तरफ बीजेपी का धुआंधार प्रचार जारी रहा। शिवसेना ने तो यहां तक कह डाला कि अन्य राज्यों में कोरोना फैलने का कारण भी बंगाल में बीजेपी का प्रचार है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि तमाम राज्यों से बीजेपी के कार्यकर्ता बंगाल में चुनाव प्रचार करने गए और कोरोना का संक्रमण अपने साथ लेकर आ गए।