मैं फोकट क्लास का समर्थक नहीं, अच्छी सर्विस चाहिए तो पैसा देना पड़ेगा: नितिन गडकरी

पत्रकारों के लिए हाइवे टोल फ्री करने से केंद्रीय मंत्री का इनकार, बोले किसी के लिए नहीं होगा टोल फ्री, लोगों ने साधा निशाना बोले NHAI पर छूट पाने वाले नेताओं की लिस्ट भी हटवा दें मंत्री जी

Updated: Sep 18, 2021, 05:26 PM IST

मैं फोकट क्लास का समर्थक नहीं, अच्छी सर्विस चाहिए तो पैसा देना पड़ेगा: नितिन गडकरी
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राजस्थान के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें वे कहते दिखाई दे रहे हैं कि वे फोकट क्लास के समर्थक नहीं है। अगर लोगों को सुविधाएं चाहिए तो उन्हें टोल टैक्स चुकाना पड़ेगा। दरअसल एक पत्रकार वार्ता में केंद्रीय मंत्री से पत्रकारों के लिए टोल फ्री करने की मांग एक मीडियाकर्मी ने की थी, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने टोल नाकों से होने वाली कमाई से होने वाले कार्यों की लिस्ट गिना दी। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर पत्रकारों को छूट दी तो आगे चलकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, महिलाओं, दिव्यांगों समेत कई कैटेगरी को छूट देनी पड़ेगी।

 

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए बाजारों से पैसा लिया गया है। जिसे चुकाने के लिए रेवेन्यू की जरूरत होती है। अगर अच्छी सर्विस चाहिए तो लोगों को उसके लिए खर्चा करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वे किसी को भी टोल फ्री की छूट नहीं देंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 15 लाख करोड़ की लागत से हाइवे बनाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री का बयान वायरल होने के बाद लोग उन्हें ट्रोल करते हुए कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि टोल नाकों पर माननीय नेताओं की लिस्ट लगी है, उसे भी हटवा दिया जाए, उन्हें भी टोल फ्री की सुविधा नहीं दी जानी चाहिए। क्या आम जनता से ही सारी भरपाई करनी है।

पत्रकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी का सवाल जवाब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें वे पत्रकारों को टोल फ्री करने से साफ इनकार करते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि वे फोकट क्लास के तकई समर्थक नहीं हैं उन्होंने साफ किया है कि अच्छी सड़कों का उपयोग करना है तो पैसे चुकाने पड़ेंगे।

दरअसल केंद्रीय सड़क एवं राजमार्म मंत्री नितिन गडकरी इनदिनों दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का जायजा ले रहे हैं। ताकि जमीनी हकीकत का पता लगा सकें।

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इस एक्सप्रेस वे से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और मुंबई की यात्रा का समय 24 घंटे से कम होकर करीब 12 घंटा हो जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियों की मिनिमम स्पीड लिमिट 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जिसे 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाने पर विचार चल रहा है।

दरअसल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर में 137 किमी, गुजरात में 423 किमी, महाराष्ट्र में 171 किमी , राजस्थान में 374 किमी और मध्य प्रदेश में 245 किमी को जोड़ेगा। यह एशिया का पहला और दुनिया का दूसरा ऐसा एक्सप्रेसवे है, जहां एनिमल ओवरपास बनाया जाएगा जिससे जानवरों को जंगल में सड़क पार करने में परेशानी ना हो। यह अनोखा एक्सप्रेसवे कुल 12 लेन का होगा जिसकी 8 लेन फिलहाल तैयार हो रहे हैं, आगे चलकर 4 लेन और जोड़ी जा सकेंगी।   

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दरअसल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI)  मार्च 2020 तक देश में 566 टोल प्लाजा थे जो की अब और बढ़ गए हैं। NHAI  टोल नाकों से हुई कमाई का उपयोग नेशनल हाईवे की रिपेयरिंग और मेंटेनेंस के लिए करता है।

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश का दौरा कर चुके हैं। मीडिया में वे तरह-तरह के बयान देते नजर आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में उन्होंने कहा था कि वे यूट्यूब से 4 लाख रुपए महीना कमाते हैं।