गडकरी ने नेहरू और वाजपेयी को बताया लोकतंत्र का आदर्श, सरकार और विपक्ष को दी आत्मचिंतन की नसीहत

बीजेपी नेता ने विपक्ष और सरकार दोनों को आत्मचिंतन करने की सलाह दी है, गडकरी ने कहा है कि आज जो सरकार में वे कल के विपक्ष हैं, और जो आज के विपक्ष वे कल सरकार में होंगे, इसलिए सभी दलों को आत्मचिंतन करना चाहिए

Updated: Aug 20, 2021, 11:48 AM IST

गडकरी ने नेहरू और वाजपेयी को बताया लोकतंत्र का आदर्श, सरकार और विपक्ष को दी आत्मचिंतन की नसीहत

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय लोकतंत्र में योगदान के लिए देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को याद किया है। गडकरी ने कहा है कि भारत के लोकतंत्र में पंडित नेहरू का बहुत बड़ा योगदान है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी लोकतंत्र का आदर्श बताया है। गडकरी ने कहा है कि इन दोनों नेताओं की ही तर्ज पर मौजूदा समय में सरकार और विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए। 

बीजेपी नेता ने एक न्यूज चैनल के साथ अपनी बातचीत के दौरान यह बात कही। गडकरी ने पंडित नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये दोनों नेता हमारे देश के लोकतंत्र के आदर्श हैं। गडकरी ने कहा कि दोनों ही नेता लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन किए जाने के प्रबल समर्थक थे। 

नितिन गडकरी ने कहा कि एक तरफ अटल हमारी पार्टी के लिए प्रेरणा हैं। तो वहीं पंडित नेहरू का इस देश के लोकतंत्र में अहम योगदान है। गडकरी ने अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दी गई एक सीख को याद करते हुए कहा कि जब मैं महाराष्ट्र में विपक्ष का नेता हुआ करता था, तब सदन की कार्यवाही में बाधा डालने में आगे हुआ करता था। उन्हीं दिनों अटल जी ने मुझसे कहा था कि लोकतंत्र में इस तरह का बर्ताव सही नहीं है।

गडकरी ने कहा कि आज के वक्त में सरकार और विपक्ष में शामिल सभी दलों को आत्ममंथन करने की जरूरत है। क्योंकि आज जो सरकार में हैं, वो कल विपक्ष में होंगे, और जो आज विपक्ष में हैं, कल सरकार का हिस्सा होंगे। लोकतंत्र में निरंतर ही हमारी भूमिकाएं बदलती रहती हैं। 

नितिन गडकरी के इस बयान के बाद अब तक किसी बीजेपी नेता का कोई बयान समाने नहीं आया है। गडकरी कई मर्तबा पार्टी लाइन से हटकर अपनी राय रखने वाले नेता के तौर पर जाने जाते हैं।