मर्दों से पिटने के लिए तैयार हैं भारतीय नारियां, तेलंगाना में सबसे ज़्यादा 83 प्रतिशत महिलाओं ने माना जायज़

नेशनल फैमिली हेल्थ के सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा, तेलंगाना, कर्नाटक, मणिपुर और केरल में सबसे ज्यादा महिलाएं पति से पिटने को उचित मानती हैं, हिमाचल प्रदेश और त्रिपुरा की महिलाओं ने पति से पिटने को बताया गलत, घरेलू हिंसा की मुख्य वजह ससुराल वालों की अनदेखी और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार

Updated: Nov 27, 2021, 02:31 PM IST

मर्दों से पिटने के लिए तैयार हैं भारतीय नारियां, तेलंगाना में सबसे ज़्यादा 83 प्रतिशत महिलाओं ने माना जायज़
Photo Courtesy: the parliament magazine

चंद दिनों पहले ही विश्व महिला हिंसा उन्मूलन दिवस मनाया गया और उसके ठीक बाद भारतीय महिलाओं पर होने वाली घरेलू हिंसा पर एक रिपोर्ट इन दिनों सबका ध्यान आकर्षित कर रही है। महिलाओं पर होने वाली घरेलू हिंसा पर चौंकाने वाले आंकड़े ने समाज का सच सामने ला दिया है। सरकार द्वारा कराए गए सर्वे के मुताबिक देश की लगभग अस्सी फीसदी महिलाएं अपने पति से पिटने को उचित मानती हैं। यह हैरान करने वाली रिपोर्ट 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार की गयी है।

18 राज्यों और केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के बीच हुए सर्वे में लोगों से  पूछा गया था कि क्या पति द्वारा उनकी पत्नियों को पीटना जायज है ।इस सर्वे में के अनुसार तेलंगाना की 83.8 प्रतिशत महिलाओं ने माना है कि पुरुषों का पत्नियों को पीटना उचित है। वहीं हिमाचल प्रदेश में सबसे कम 14.8 प्रतिशत महिलाओं ने इसे अनुचित बताया है। कर्नाटक के 81.9 प्रतिशत पुरुषों ने कहा है कि पति का उनकी पत्नियों को मारना जायज है।  घरेलू हिंसा को सही मानने वाली महिलाओं का प्रतिशत आंध्र प्रदेश में 83.6 % कर्नाटक में 76.9 % मणिपुर में 65.9 % और केरल में 52.4 % है।

हिमाचल प्रदेश और त्रिपुरा के पुरुषों में महिलाओं पर हिंसा की स्वीकृति कम देखने को मिली है। हिमचाल में 14.2 % और त्रिपुरा में 21.3 % पुरुषों ने इसे लेकर सहमति जताई है।

क्यों पिटती हैं भारतीय महिलाएं

इस सर्वे के दौरान लोगों से पत्नी को पीटने  का कारण पूछा गया, इस बारे में लोगों का कहना है कि घर से बिना बताए बाहर जाने पर, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, पति से बहस करने पर, पति के परिजनों और ससुराल वालों के साथ गलत व्यवहार करने पर,  फिजिकल रिलेशन बनाने से इनकार करने पर, अच्छा खाना नहीं बनाने पर,एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर रखने और धोखा देने पर महिलाओं की पिटाई होती है। साल 2019-21 में हुए सर्वे के आकड़ों में ये बातें उजागर हुई हैं।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे असम, आंध्र प्रदेश, बिहार, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में किया गया था।पति से पिटने को सही मानने वाली महिलाओं की संख्या आंध्र प्रदेश 83.6, कर्नाटक 76.9, मणिपुर 65.9 और केरल 52.4 प्रतिशत हैं, वहीं जबकि हिमाचल प्रदेश और त्रिपुरा के पुरुषों में घरेलू हिंसा को लेकर स्वीकृति सबसे कम देखी गई. केवल 14.2 प्रतिशत, 21.3 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इसको लेकर सहमति व्यक्त की।

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एक तरफ भारत में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या बढ़ी है।  देश में अब 1000 पुरुषों पर 1020 महिलाएं हैं। वहीं दूसरी तरफ महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा को महिलाएं ही उचित मान रही हैं।