किसान आंदोलन के समर्थन में एक हज़ार किमी चलाई साइकिल, 11 दिन में बिहार से पहुंचे टिकरी बॉर्डर

Farmers Protest: साठ साल के सत्यदेव मांझी नए कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने के लिए बिहार से सीवान से साइकिल चलाकर टिकरी बॉर्डर पहुंचे

Updated: Dec 19, 2020, 12:28 AM IST

किसान आंदोलन के समर्थन में एक हज़ार किमी चलाई साइकिल, 11 दिन में बिहार से पहुंचे टिकरी बॉर्डर
Photo Courtesy: ANI

दिल्ली। नए कृषि कानून के खिलाफ देशभर के किसान दिल्ली बॉर्डर पर मोर्चा खोले हुए हैं। इसी आंदोलन को समर्थन देने के लिए बिहार के एक किसान ने अनोखा तरीका अपनाया। 60 साल के सत्यदेव मांझी बिहार के सीवान से दिल्ली बॉर्डर के टिकरी तक साइकिल चलाकर पहुंचे। उन्होंने 11 दिन में एक हजार किलोमीटर की यात्रा तय की। भीषण ठंड के बावजूद सत्यदेव मांझी लगातार साइकिल चलाते रहे और किसान आंदोलन में शामिल हुए।

मांझी की साइकल पर एक तरफ तिरंगा और दूसरी तरफ किसान यूनियन का झंडा लगा है। साथ ही उन्होंने कई तख्तियां अपने ऊपर टांग रखी हैं, जिन पर किसानों की मांगें लिखी हैं। साइकिल पर उन्होंने अपनी जरूरत का सामान भी बांध रखा है। सत्येन मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से नए किसान कानूनों को जल्द से जल्द वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं होता तो 26 जनवरी को देश के किसान झंडा फहराएंगे। मांझी का कहना है कि वे आंदोलन की समाप्ति तक किसानों के साथ बने रहेंगे।

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कृषि कानूनों के विरोध में देश के कई हिस्सों से आए किसान दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। किसानों ने 23 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर डेरा डाला हुआ है। उनकी मांग है कि सरकार कृषि कानूनों को वापस ले। कई दौर की वार्ता के बाद भी केंद्र सरकार किसानों के आगे झुकती नहीं दिख रही है। इस आंदोलन में अब तक करीब 20 आंदोलनकारी किसानों की मौत हो चुकी है। बढ़ती ठंड की वजह से किसानों की समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।