चुनाव आयोग से ममता की सीधी टक्कर, गांधी प्रतिमा के पास सत्याग्रह, कैनवस पर बना रही हैं पेंटिंग

चुनाव आयोग ने ममता को प्रचार करने से 24 घंटे के लिए किया प्रतिबंधित, फैसले के खिलाफ ममता का सत्याग्रह, व्हीलचेयर पर ममता, सामने पड़ी मेज, कैनवस पर पेंटिंग कर रही हैं सीएम

Updated: Apr 13, 2021, 03:05 PM IST

चुनाव आयोग से ममता की सीधी टक्कर, गांधी प्रतिमा के पास सत्याग्रह, कैनवस पर बना रही हैं पेंटिंग
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चुनाव आयोग द्वारा प्रचार करने पर 24 घंटे के बैन के विरोध में ममता धरने पर बैठ गईं हैं। ममता ने कोलकाता स्थित गांधी प्रतिमा के सामने दोपहर 12 बजे के पहले से ही सत्याग्रह शुरू कर दिया है। ममता यहां अकेले धरने पर बैठीं हैं। भीड़भाड़ को रोकने के लिए बैरीकेड लगा दी गई है। बैरिकेडिंग के बाहर हजारों की संख्या दीदी के समर्थक उमड़ पड़े हैं और उनके समर्थक में नारेबाजी कर रहे हैं।

गांधी प्रतिमा के सामने व्हीलचेयर पर बैठीं ममता शांति के साथ बैठी हुईं हैं, उनक साथ टीएमसी के कोई नेता भी नहीं हैं। ममता के सामने एक टेबल रखा हुआ है, और टीएमसी चीफ यहां बैठकर कैनवस पर पेंटिंग बना रही हैं। ममता ने कुछ पेंटिंग्स बनाकर समर्थकों को दिखाया भी है। बताया जा रहा है कि ममता यहां तय समय से पहले ही पहुंच गईं थीं। इस दौरान उनके साथ महज दो सुरक्षाकर्मी मौजूद थे।

ममता ने अपने गले में चुनाव आयोग के विरोध में काला शॉल भी डाल रखा है। पश्चिम बंगाल सीएम का यह धरना आज शाम तक चलेगा। हालांकि, ममता को यहां सत्याग्रह पर बैठने के लिए सेना की ओर से इजाजत भी नहीं मिली है। चूंकि, गांधी प्रतिमा वाला इलाका सेना के ईस्टर्न कमांड के अधिकार क्षेत्र में आता है। टीएमसी ने एनओसी देने के लिए ईस्टर्न कमांड को चिट्ठी लिखा था, लेकिन अबतक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक धरने के बाद बारासात और बिधाननगर में रैलियां करेंगी। 

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चुनाव आयोग ने कल देर शाम ही आदेश जारी कर सीएम बनर्जी को प्रचार करने से 24 घंटे के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। आदेश के मुताबिक सोमवार रात आठ बजे से लेकर मंगलवार रात आठ बजे तक टीएमसी सुप्रीमो कोई प्रचार प्रसार नहीं करेंगी। माना जा रहा है कि सीएम के खिलाफ यह कार्रवाई कथित रूप से अल्पसंख्यकों को एकजुट होने और केंद्रीय बलों के घेराव वाले बयान को लेकर हुई है। 

चुनाव आयोग इस निर्णय को लेकर चौतरफा आलोचनाओं का सामना कर रहा है। टीएमसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा ने कहा है कि, 'मुझे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर हमेशा से संदेह था। चुनाव आयोग मोदी और शाह के इशारे पर काम कर रही है। लोकतंत्र के हर संस्था के साथ समझौता कर लिया गया है।' वहीं इस मामले पर टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा है कि, '12 अप्रैल भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन है।

ममता को क्यों किया गया बैन

ममता बनर्जी ने बीते तीन अप्रैल को हुगली जिले के तारकेश्वर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय से अपील की थी की वे अपना वोट बंटने नहीं दें। सीएम ने कहा था कि, 'मैं अपने अल्पसंख्यक भाइयों और बहनों से हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि अल्पसंख्यक वोटों को बंटने न दें। बीजेपी अल्पसंख्यक वोटों को बांटने की साजिश कर रही है।' उधर कूचबिहार में उन्होंने केंद्रीय बलों के घेराव की बातें कही थी। उन्होंने कहा था कि, 'केंद्रीय बल यदि वोट देने से रोकें तो मैं महिलाओं से कहना चाहती हूं, कुछ लोग उनका घेराव करें और कुछ मतदान करें।