पटना में विपक्षी दलों की बैठक जारी, मिशन 2024 के लिए कॉमन मिनिमन प्रोग्राम पर हो रही है मंत्रणा

तमाम अंतर्विरोधों के बीच विपक्ष के लिए पॉजिटिव बात यह है कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और धर्मनिरपेक्षता का मुद्दा उन्हें एकजुटता के लिए प्रेरित कर रहा है

Updated: Jun 23, 2023, 03:02 PM IST

पटना में विपक्षी दलों की बैठक जारी, मिशन 2024 के लिए कॉमन मिनिमन प्रोग्राम पर हो रही है मंत्रणा

पटना। बिहार की राजधानी पटना में आज विपक्षी नेताओं की महाबैठक हो रही है। ये मीटिंग 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर बेहद अहम है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, जेडीयू नेता नीतीश कुमार समेत 15 दलों के कुल 22 नेता शामिल हैं। बैठक में 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ लड़ने की रणनीति तैयार की जाएगी।

शुक्रवार को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग में शुरू हुई। इसमें 15 पार्टियों के नेता मौजूद हैं। बैठक 5 घंटे तक चलेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश कुमार को यूपीए का संयोजक बनाया जा सकता है। बैठक के बाद इसकी घोषणा होगी। सोनिया गांधी वर्तमान में यूपीए चेयरपर्सन हैं। 

बताया जा रहा है कि सीएम नीतीश के आवास पर चल रही विपक्षी एकता बैठक में 2024 चुनाव पर मंथन हो रहा है। इस बैठक में पीएम कैंडिडेट के नाम पर अभी मंथन नहीं होगा। अभी सिर्फ नेताओं के एकजुट होने और गठबंधन के स्वरूप पर चर्चा की जाएगी। बैठक में ममता बनर्जी ने कहा कि सभी को महत्त्वाकांक्षा छोड़नी होगी। कोई अपना दबदबा नहीं बनाए।

बैठक शुरू होने से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे एअरपोर्ट से सीधे कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। यहां राहुल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर ‌BJP को हराएंगे। देश में दो विचारधारा की लड़ाई चल रही है। एक तरफ कांग्रेस की भारत जोड़ो विचारधारा है तो दूसरी ओर BJP-RSS की भारत तोड़ो।

इन पांच मुद्दों पर होगी बात

बैठक के एजेंडे में पांच मुद्दे प्रमुख हैं। इनमें :- 
1. हर सीट पर भाजपा के खिलाफ विपक्ष का एक प्रत्याशी, 2. भाजपा के खिलाफ बनने वाले गठबंधन का नाम, 3. कामन मिनिमम प्रोग्राम, 4. सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला, 5. इसके अलावा, दिल्ली अध्यादेश शामिल है। माना जा रहा है कि तमाम अंतर्विरोधों के बीच विपक्ष के लिए एक पॉजिटिव बात ये है कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और धर्मनिरपेक्षता का मुद्दा ऐसा है जो उन्हें एक मंच पर बिठाए रह सकता है।