केजरीवाल के घर के बाहर सिद्धू का धरना, पूछा- कहां हो गुरु, हजारों संविदा शिक्षक मौजूद

दिल्ली में दिखा पंजाब चुनाव का असर, केजरीवाल ने मोहाली में संविदा शिक्षकों के साथ किया था प्रदर्शन, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष 22 हजार शिक्षकों को लेकर पहुंचे केजरीवाल के घर

Updated: Dec 05, 2021, 04:11 PM IST

केजरीवाल के घर के बाहर सिद्धू का धरना, पूछा- कहां हो गुरु, हजारों संविदा शिक्षक मौजूद
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नई दिल्ली। पंजाब चुनाव का असर अब राजधानी दिल्ली में भी दिखने लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने केजरीवाल को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया है। सिद्धू केजरीवाल के घर के बाहर हजारों संविदा शिक्षकों को लेकर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेता का यह धरना सीएम केजरीवाल के उस चुनावी स्टंट के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है जिसमें दिल्ली सीएम ने पंजाब के मोहाली में वहां के संविदा शिक्षकों का मुद्दा उठाते हुए शिक्षकों के साथ प्रदर्शन किया था।

रविवार को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने इसका अपने तरीके से जवाब दिया। सिद्धू दिल्ली के 22 हजार संविदा शिक्षकों को लेकर केजरीवाल के घर पहुंचे और यहां धरने पर बैठ गए। इस दौरान संविदा शिक्षकों ने जमकर केजरी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने अंदाज में पूछा- कहां हो गुरु? बताया गया कि दिल्ली सीएम केजरीवाल आज यानी गोवा गए हुए हैं।

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नवजोत सिंह सिद्धू इस दौरान पूरे रंग में दिखे। उन्होंने कहा, 'अरे गुरु केजरीवाल पंजाब में आकर लेक्चर करते हो, अपना रोग बढ़ता जाए और दूसरों को दवा बताते हो। भोली सी सूरत, दिल के खोते, नाम बड़ा और दर्शन छोटे। जब 22 हजार संविदा शिक्षक सड़कों पर हैं तो मुख्यमंत्री कहां हैं।'

सिद्धू ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, 'साल 2015 के घोषणापत्र में आपने दिल्ली में 8 लाख नई नौकरियों और 20 नए कॉलेजों का वादा किया था, नौकरियां और कॉलेज कहां हैं? आपने दिल्ली में सिर्फ 440 नौकरियां दी हैं। पिछले पांच साल में दिल्ली की बेरोजगारी दर लगभग 5 गुना बढ़ गई है। AAP ने संविदा शिक्षकों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन के साथ बहाल करने का वादा किया था। लेकिन लेकिन शिक्षकों की स्थिति और खराब कर दिया।' 

बता दें कि All India guest teacher association के मुताबिक दिल्ली सरकार ने 7 साल पहले तीन तीन बार वादा किया था कि दिल्ली के गेस्ट टीचर्स को पक्की नौकरी देंगे। लेकिन 7 साल बाद भी वे अपना वादा पूरा नहीं कर पाएं हैं। कोरोना काल में तो उनकी हालत और बदतर हो गई। आंकड़ों के मुताबिक 22 हजार से ज्यादा संविदा शिक्षक स्थायी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।