Varun Gandhi: न फायरब्रांड, न राइट विंग, वरुण गांधी ने खुद को बताया सेंटर लेफ्ट

Varun Gandhi Interview: एक किताब के लिए साक्षात्कार के दौरान बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने खुद को मध्य वाम मार्गी बताते हुए कहा है कि वे नहीं हैं दक्षिणपंथी

Updated: Aug 27, 2020 03:21 AM IST

Varun Gandhi: न फायरब्रांड, न राइट विंग, वरुण गांधी ने खुद को बताया सेंटर लेफ्ट
Photo Courtsey: Outlook India

नई दिल्ली। बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने एक किताब को दिए साक्षात्कार में खुद को 'मध्य वाम मार्गी' (सेंटर लेफ्ट थिंकिंग पर्सन) बताया है। हाल ही में प्रकाशित पुस्तक 'इंडिया टुमारो : कॉन्वेरसशन्स विद द नेक्स्ट जेनेरेशन ऑफ पॉलिटिकल लीडर्स' में बीजेपी नेता ने बताया है कि वह दक्षिणपंथी विचारधारा नहीं रखते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि मेरे बारे में फायरब्रांड नेता जैसे शब्दों का जो इस्तेमाल किया जाता है उससे भी मैं इत्तेफाक नहीं रखता हूं।

वरुण गांधी ने वामपंथी विचारधारा की आर्थिक और सामाजिक नीतियों की वकालत करने वाले ब्रिटेन के जेरेमी कोर्बिन और अमेरिका के बर्नी सेंडर्स को अपनी राजनीतिक प्रेरणा बताया है। उन्होंने खुद को कट्टर प्रगतिशील उदारपंथी बताते हुए कहा है कि वह असमानता, पर्यावरण, न्याय और वंचित समाज के मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं और ऐसे मुद्दों में उन्हें दक्षिणपंथियों के मुकाबले उदारवादियों का समर्थन 10 गुना ज्यादा मिला है। बता दें कि 'इंडिया टुमारो : कॉन्वेरसशन्स विद द नेक्स्ट जेनेरेशन ऑफ पॉलिटिकल लीडर्स' पुस्तक में भारत के 20 भावी प्रमुख राजनेताओं का साक्षात्कार लिया गया है जिसमें मौजूदा भारतीय राजनीति की विशेष रूप से चर्चा की गई है।

लोग कहते हैं मैं बीजेपी में वामपंथी हूं

पुस्तक के लेखक प्रदीप छिब्बर और हर्ष शाह को दिए साक्षात्कार में वरुण गांधी ने कहा, 'मैं समझता हूं कि यदि कोई विचारधारा या नीति के लिहाज से देखेगा तो मध्य-वाम मार्गी व्यक्ति हूं। मैं नैसर्गिक रूप से दक्षिणपंथी नहीं हूं। अगर आपने पिछले 10 सालों में मेरे लिखे सभी लेख पढ़े होंगे तो मेरा रिकॉर्ड लगातार प्रगतिशील और उदारपंथी होने का रहा है। एक व्यक्ति के रूप में मैं अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुन कर बड़ा हुआ हूं। कई दफा दक्षिणपंथी नेता मुझपर हमला भी बोलते हैं लेकिन उदारपंथियों के साथ ऐसा नहीं है। वामपंथी नेता अक्सर मजाक में मुझसे कहते हैं कि मैं बिजेपी में वामपंथी हूं।

वामपंथी विचारों के बावजूद बीजेपी में क्यों ?

गांधी से जब उनके घृणा वाले बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उस कथित बयान के बाद वह हजारों काम किए हैं। उन्होंने कहा, 'मैं एकमात्र बीजेपी सांसद था जिसने अन्ना हजारे को लोकपाल विधेयक के आंदोलन में समर्थन किया था और उसमें हिस्सा लिया था। वामपंथी विचारों के बाद भी बीजेपी में क्यों हैं पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'मैं मानता हूं कि बीजेपी में दक्षिणपंथी विचारों के लोग ज्यादा हैं। लेकिन राजनीतिक ढांचे के भीतर विभिन्न बौद्धिक विषयों पर सहिष्णुता जैसी कुछ चीजें हैं जो मुझे अच्छी लगती है। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने भी अपने जीवन के अधिकांश समय में गांधीवादी समाजवाद की बात की थी।

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बता दें कि साल 2009 में लोकसभा चुनावों के दौरान गांधी के ऊपर कथित तौर पर घृणा भरे भाषण देने का आरोप लगा था। हालांकि बाद में अदालत ने उन्हें मामले में बरी कर दिया था। वरुण गांधी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चचेरे भाई हैं और उनकी मां मेनका गांधी बीजेपी नेतृ हैं। साल 2004 में बीजेपी जॉइन करने के बाद उन्हें पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया था। उसके बाद से अबतक वह पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।