6 महीने बाद भी नहीं शुरू हो सका बाबई का ऑक्सीजन प्लांट, सीएम ने किया था 200 टन उत्पादन का दावा

प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी जारी, घोषणा के 6 महीने बाद भी बाबई में नहीं शुरू हो पाया ऑक्सीजन प्लांट, दिग्विजय सिंह बोले भोली-भाली जनता को झूठे सब्ज़बाग दिखाना और सपने बेचना शिवराज जी से सीखे

Updated: Apr 23, 2021, 06:34 PM IST

6 महीने बाद भी नहीं शुरू हो सका बाबई का ऑक्सीजन प्लांट, सीएम ने किया था 200 टन उत्पादन का दावा
Photo courtesy: The Statesman

भोपाल। देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। साथ ही ऑक्सीजन की किल्लत किसी से छिपी नहीं है, लेकिन प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान जनता से झूठे वादे करते नहीं थकते है। वे लगातार घोषणाएं तो करते हैं लेकिन उसकी हकीकत कुछ और ही है। एक साल पहले जब कांग्रेस की सरकार गिराकर मुख्यमंत्री बने थे तो कोरोना से लड़ने के बड़े बड़े वादे किए थे। उन्हीं वादों में से एक था बाबई का ऑक्सीजन प्लांट, जिसके बारे में शिवराज चौहान ने 6 महीने में शुरू करने का वादा किया था। सितंबर महीने में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ऐलान किया था  कि 6 महीने में प्रदेश में ऑक्सीजन का प्लांट उत्पादन शुरु कर देगा। 

 

उन्होंने घोषणा की थी कि बाबई के मोहासा में आईनोक्स को स्वीकृति दे दी गई है जहां 200 टन ऑक्सीजन का उत्पादन 6 महीने के अंदर शुरू हो जाएगा। लेकिन उसकी सच्चाई यह है कि वहां पर अब भी बाउंड्री वॉल बन रहा है। जबकि सरकार ने ऐलान किया था की यहां से 6 महीने में 200 टन ऑक्सीजन की सप्लाई होने लगेगी।

बाबई के इस प्लांट की घोषणा के एक महीने के अंदर यानी अक्तूबर में ही इसके लिए आईनोक्स कंपनी को क्लीयरेंस भी दे दी गई थी, इसके लिए भूमिपूजन का काम भी दिसंबर में हो गया था। लेकिन अब तक बाबई प्लांट से ऑक्सीजन उत्पादन तो क्या जरूरी व्यवस्थाएं तक नहीं खड़ी हो पायी हैं। मौके पर पड़ताल से पता चलता है कि वहां आधा अधूरा बाउंड्रीवाल है।

जब प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है, घर-घर और अस्पताल-अस्पताल लोग दवा और ऑक्सीजन के लिए तरस रहे हैं, शिवराज के मंत्री इसे बार बार नकार रहे हैं लेकिन जनता गवाह है कि कैसे अस्पतालों के बाहर बोर्ड लगने लगे हैं और कैसे दमोह में अनेक जानें ऑक्सीजन की कमी से चली गईं। यही नहीं, बीजेपी नेता तो अब ऑक्सीजन की बात करने पर जनता को धमकी देते भी नजर आते हैं। अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब खुद बीजेपी के नेता एक ऑक्सीजन टैंकर के इंदौर पहुंचने पर नारियल फोड़कर पूजापाठ करने लगे थे।  

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री पर इसे लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कोई भोली-भाली जनता को झूठे सब्ज़ बाग दिखाना और सपने बेचना शिवराज जी से सीखे। आज भी वे और उनके मंत्री ऑक्सीजन की कमी को स्वीकार नहीं कर रहे है। उन्होंने एक ट्वीट करते हुए कर्मचारियों और अफसरों की तारीफ की है उन्होंने लिखा है कि शासकीय कर्मचारी और अधिकारी बेहद कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। गौरतलब है कि शिवराज सरकार का दावा है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी नहीं हैं। लेकिन जिस तरह के हालात भोपाल और अन्य  जिलों में नजर आ रहे हैं वे चिंतनीय हैं।