ये विकास है या विनाश, बैंकिंग और GDP की खस्ता हालत पर राहुल गांधी का तीखा सवाल

राहुल गांधी ने यह सवाल ऐसे वक्त में पूछा है जब लक्ष्मी विलास बैंक पर मोरेटोरियम लगाना पड़ा है, GDP मंदी की शिकार है, महंगाई-बेरोज़गारी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है

Updated: Nov 19, 2020, 12:26 AM IST

ये  विकास है या विनाश, बैंकिंग और GDP की खस्ता हालत पर राहुल गांधी का तीखा सवाल
Photo Courtesy: The Week

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने बैंकिंग सेक्टर और अर्थव्यवस्था के हालात को लेकर पीएम मोदी को घेरा है। दरअसल मोदी सरकार ने कल ही निजी क्षेत्र के लक्ष्मी विलास बैंक पर एक महीने के लिए मोरेटोरियम लागू किया है। यह बैंक लंबे समय से आर्थिक संकट का शिकार था। बैंकिंग सेक्टर की इस हालत और अर्थव्यवस्था में मंदी के मसले पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 

राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा है, "बैंक मुसीबत में हैं और जीडीपी भी। महंगाई इतनी ज़्यादा कभी नहीं थी, ना ही बेरोज़गारी। जनता का मनोबल टूट रहा और सामाजिक न्याय प्रतिदिन कुचला जा रहा है। यह विकास है या विनाश?"

राहुल गांधी ने यह ट्वीट ऐसे वक्त में किया है, जब प्राइवेट सेक्टर के लक्ष्मी विलास बैंक का संकट उसके ग्राहकों के लिए मुसीबत बन गया है। कल ही सरकार ने इस बैंक से अगले तीस दिनों के भीतर 25 हज़ार रुपये से ज्यादा रकम निकालने पर रोक लगाई है। इससे पहले पिछले सवा साल में प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक और पीएमसी बैंक भी इसी तरह के संकट का शिकार हो चुके हैं। इन बैंकों के बर्बाद होने की वजह से उनके ग्राहकों की जमापूंजी फंस जाती है, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बहुत सारे सरकारी बैंक भी बढ़ते एनपीए के कारण परेशान हैं।

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इतना ही नहीं, देश की जीडीपी में लगातार दो तिमाही के दौरान गिरावट दर्ज की गई है, जिसके कारण देश पहली बार तकनीकी रूप से मंदी का शिकार हुआ है।मंदी और लॉकडाउन के कारण देश में बेरोज़गारी भी चरम पर है। बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों के बंद होने या उनमें उत्पादन की कटौती के चलते लोगों का रोज़गार छिन गया है। इस खतरनाक मंदी और लोगों की जेब में पैसे न होने के बावजूद थोक और खुदरा महंगाई दरों के हाल के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। देश के करोड़ों लोग आज मंदी-बेरोज़गारी और महंगाई की दोहरी चक्की में पिस रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट के जरिये अर्थव्यवस्था की इसी हालत की तरफ संकेत किया है।