SGPC ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिशें के खिलाफ पारित किया प्रस्ताव

SGPC के प्रस्ताव में कहा गया है कि RSS देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश में अल्पसंख्यकों की धार्मिक आज़ादी का दमन कर रही है अल्पसंख्यकों को दबाने वालों को सज़ा दी जानी चाहिए

Updated: Apr 03, 2021, 04:35 PM IST

SGPC ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिशें के खिलाफ पारित किया प्रस्ताव
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नई दिल्ली। गुरुद्वारों का संचालन करने वाली देश की सबसे बड़ी संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिशों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। एसजीपीसी ने देश में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने और देश को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कथित कदम की निंदा की है। कमेटी ने कहा है कि  कि अल्पसंख्यकों को दबाने वालों को सजा दी जानी चाहिए। एसजीपीसी के इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा है कि हम सब एक हैं।

SGPC ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि, 'भारत एक बहु-धार्मिक, बहुभाषी और बहु-जातीय देश है। प्रत्येक धर्म ने इसकी स्वतंत्रता के लिए योगदान दिया है। लेकिन दुख की बात है कि लंबे समय से देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के आरएसएस के कदम के मद्देनजर अन्य धर्मों की धार्मिक स्वतंत्रता को दबा दिया गया है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप के जरिये अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।' 

कमेटी ने सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अल्पसंख्यकों के मामलों में हस्तक्षेप करके उन्हें डरा-धमका रही है। इतना ही नहीं कमेटी ने एक सिख जत्थे को पाकिस्तान के ननकाना साहिब में जाने से रोकने की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि भारत सरकार ने हूबहू ब्रिटिश और मुगलों जैसा कदम उठाया है। केंद्र सरकार को सिख समुदाय से माफी मांगना चाहिए। 

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बैठक के दौरान कृषि कानूनों की आलोचना करने हुए एक अन्य प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें कहा गया है कि देश में कृषि को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, क्योंकि किसान ही सबको भोजन मुहैया कराता है। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा पारित किया गया कृषि कानून किसानों को बर्बाद कर देगा, इसलिए इसे तत्काल वापस लिया जाए। इस दौरान किसान आंदोलन में जान गंवाने वालों की याद में शोक व्यक्ति किया गया।

बैठक के दौरान कोरोना काल में जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता करने वाली सिख संस्थाओं की प्रशंसा की गई। इस दौरान अकाल तख्त के प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह और एसजीपीसी की प्रमुख बीबी जागीर कौर भी इस बैठक में मौजूद रहीं। इन लोगों ने पूर्व में आरएसएस को बैन करने की भी मांग की थी। 

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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा पारित किए गए प्रस्तावों की एक ओर देशभर में जहां स्वागत हो रही है वहीं बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोग इसका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, 'सर्व धर्म सम भाव ही भारत के संस्कार व संस्कृति है। हम सब एक हैं। पहले हम भारतीय हैं।' 

मामले पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि, 'एसजीपीसी पंजाब में सिखों को ईसाई धर्म में जाने से रोकने में असफल रही है। लोगों का ध्यान हटाने के लिए ऐसे बेबुनियाद प्रस्ताव पारित कर राजनीति की जा रही है।एसजीपीसी अपनी इस असफलता को छुपाने के लिए ही आरएसएस के खिलाफ गलत प्रचार कर रही है।'