लॉकहीड मार्टिन और HAL के बीच करार, भारतीय एयरोस्पेस सेक्टर में बढ़ाएँगे साझेदारी

कंपनी ने HAL के साथ हुए करार के बाद कहा है कि वो भारतीय उद्योग के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहती है

Updated: Feb 06, 2021, 06:22 PM IST

लॉकहीड मार्टिन और HAL के बीच करार, भारतीय एयरोस्पेस सेक्टर में बढ़ाएँगे साझेदारी
Photo Courtesy : LockheedMartin.com

नई दिल्ली। अमेरिका की प्रमुख रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) ने भारत सरकार द्वारा संचालित हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। शुक्रवार को लॉकहीड मार्टिन ने भारतीय एयरोस्पेस में अपनी साझेदारी को बढ़ाने के इरादे से सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए। लॉकहीड मार्टिन ने कहा कि वो भारतीय उद्योग के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है और कंपनी के वैश्विक एयरोस्पेस और डिफेंस इकोसिस्टम को एकीकृत करने की दिशा में काम कर रहा है। 

अमरीकी कंपनीलॉकहीड मार्टिन के एक वरिष्ठ अधिकारी जेआर मैकडॉनल्ड ने कहा कि, ' हम एशिया के सबसे बड़े एयरोस्पेस कंपनियों में से एक एचएएल के साथ संभावित अवसरों का पता लगाने के लिए उत्साहित हैं।' इसके साथ ही मैकडॉनल्ड ने कहा कि हम भारतीय उद्योग को अपने एयरोस्पेस और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत करने और मौजूदा वक्त के साथ साथ आने वाले दशकों में भारत के लिए लॉकहीड मार्टिन की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

कंपनी ने अपने एक बयान में कहा है कि वह भारत में रोजगार के अवसर प्रदान करने और मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और स्टार्ट अप इंडिया में अपना योगदान के लिए भारतीय उद्योग के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रही है। वहीं HAL के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर माधवन ने कहा कि उनका संगठन लॉकहीड मार्टिन के साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अवसरों की तलाश में काम करना चाहता है।

लॉकहीड मार्टिन भारतीय वायु सेना को 114 लड़ाकू जेट की आपूर्ति करने के लिए एक मेगा अनुबंध की दौड़ में प्रमुख दावेदारों में से एक है।पिछले साल, लॉकहीड मार्टिन ने विशेष रूप से 'मेक इन इंडिया' प्रस्ताव के साथ भारत को अपना F-21 लड़ाकू जेट उपलब्ध कराने की पेशकश की थी।

अप्रैल 2019 में, भारतीय वायु सेना ने लगभग 18 बिलियन अमरीकी डालर की लागत से 114 जेट प्राप्त करने के लिए एक RFI (सूचना के लिए अनुरोध) या प्रारंभिक टेंडर भी जारी किया था, जिसे हाल के वर्षों में दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य खरीद में से एक माना गया है। इस सौदे के शीर्ष दावेदारों में लॉकहीड का एफ -21, बोइंग का एफ / ए -18, डसॉल्ट एविएशन का राफेल, यूरोफाइटर टाइफून, रूसी विमान मिग 35 और साब का ग्रिपेन शामिल हैं।