यूपी में सिपाही की पीट-पीटकर हत्या, मुख्य आरोपी का भाई मुठभेड़ में ढेर

उत्तर प्रदेश के कासगंज में मंगलवार देर रात शराब माफिया ने दरोगा और सिपाही को बेरहमी से पीटा, सिपाही की मौत, दरोगा की हालत नाजुक, मुख्य आरोपी अब भी फरार, कांग्रेस ने कहा, पूरा जंगलराज है

Updated: Feb 10, 2021, 01:20 PM IST

यूपी में सिपाही की पीट-पीटकर हत्या, मुख्य आरोपी का भाई मुठभेड़ में ढेर
Photo Courtesy: India Today

कासगंज। उत्तरप्रदेश के कासगंज में मंगलवार देर रात बिकरु कांड जैसा दुस्साहस सामने आया है। शराब माफियाओं ने एक दरोगा और पुलिसकर्मी की बेरहमी से पिटाई की। घटने में सिपाही की मौत हो गई वहीं दरोगा गंभीर रूप से घायल है। मामले का मुख्य आरोपी कुख्यात अपराधी मोती धीमर बताया जा रहा है। धीमर अब भी फरार है वहीं आज सुबह पुलिस ने धीमर के भाई एलकार को मुठभेड़ में मार गिराया है।

जानकारी के मुताबिक बीती रात नगला पुलिस धीमर गांव में अवैध शराब के गोरखधंधे को बंद कराने गई थी। इसी दौरान अवैध शराब कारोबारियों ने घात लगाकर पुलिस की टीम पर हमला कर दिया। आरोपियों ने लाठी और अन्य हथियारों से पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया और बंधक बनाकर उनकी बेरहमी से पिटाई की। शराब माफियाओं ने सिपाही देवेंद्र की पीट-पीटकर हत्या कर दी, जबकि दारोगा अशोक कुमार बुरी तरह घायल हो गए।

इस सनसनीखेज वारदात के बाद बुधवार तड़के सुबह पुलिस की बड़ी कार्रवाई की और मुठभेड़ में शराब माफिया मोती के भाई को ढेर कर दिया। सिढपुरा थाना प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि शराब माफिया और उसके साथियों की तलाश करने में पुलिस जुटी थी। इसी दौरान सिढपुरा थाना क्षेत्र में काली नदी के किनारे नगला भिकारी के पास पुलिस और शराब माफिया के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने पहले गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में शराब माफिया मोती के भाई एलकार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई। एलकार पर पहले से कई केस दर्ज हैं।

एनएसए के तहत होगी कार्रवाई

इस सनसनीखेज वारदात के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कनून (रासुका) के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सीएम कार्यालय ने रात में एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि, 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने करने के लिए कहा है। अपराधियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।' 

कांग्रेस ने शराब माफिया के पुलिस पर हमले को यूपी के जंगलराज की मिसाल बताते हुए योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने वारदात से जुड़ा एक वीडियो भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। 

 

कांग्रेस ने ट्विटर पर लिखा है, "यूपी सरकार विज्ञापन तो टाइम्स में देती है लेकिन घर की कानून व्यवस्था संभाली नहीं जा रही है। कानपुर के बिकरू कांड के बाद अब कासगंज में जहरीले शराब के माफियाओं ने पुलिस पार्टी पर हमला किया। एक कांस्टेबल शहीद और एक सब इंस्पेक्टर बुरी तरह घायल। जंगलराज है पूरा।"