जो जाना चाहते हैं जाएं, मैं नई शिवसेना बनाऊंगा, बागी MLAs को उद्धव ठाकरे का संदेश

आर-पार के मुहाने पर पहुंची महाराष्ट्र की सियासी महाभारत, मुंबई से लेकर दिल्ली और गुवाहाटी तक बैठकों का दौर जारी, 16 बागी विधायकों को नोटिस भेजेंगे डिप्टी स्पीकर, उद्धव ठाकरे ने बुलाई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक

Updated: Jun 25, 2022, 01:23 PM IST

जो जाना चाहते हैं जाएं, मैं नई शिवसेना बनाऊंगा, बागी MLAs को उद्धव ठाकरे का संदेश
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मुंबई। महाराष्ट्र की सियासी लड़ाई अब आर-पार के मुहाने पर आ चुकी है। प्रदेश की राजनीति के लिए यह शनिवार बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज डिप्टी स्पीकर 16 बागी विधायकों को नोटिस भेज सकते हैं। शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने आज राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। उधर आदित्य ठाकरे भी शाम 6 बजे कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इससे पहले उद्धव ठाकरे ने नई शिवसेना बनाने की बात कही है।

शुक्रवार को शिवसेना के पार्षदों को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि पार्टी के आम कार्यकर्ता उनकी पूंजी हैं और जब तक वे उनके साथ खड़े हैं, तब तक वह किसी अन्य द्वारा की जाने वाली आलोचना की परवाह नहीं करते। उन्होंने शिंदे गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि जो जाना चाहते हैं जाएं....मैं नई शिवसेना बनाऊंगा।

उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि बीजेपी का मकसद शिवसेना को समाप्त करना है क्योंकि वह हिंदू वोट बैंक को साझा नहीं करना चाहती। ठाकरे ने बीजेपी और शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे को चुनौती दी कि वे शिवसेना के कार्यकर्ताओं और पार्टी को वोट देने वाले लोगों को अपने पाले में करके दिखाएं। उन्होंने कहा, ‘शिवसेना को अपने ही लोगों ने धोखा दिया है। बगावत करने वाले शिवसेना के विधायकों को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया गया, जबकि आप जैसे कई शिवसैनिक नामांकन के इच्छुक थे। ये लोग आपकी कड़ी मेहनत के बल पर चुने जाने के बाद असंतुष्ट हो गए जबकि आप अब भी इस मुश्किल वक्त में पार्टी के साथ खड़े हैं।'

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प्रदेश में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर है। दरअसल, इस बात का डर है कि शिव सैनिक पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस को सतर्क कर दिया गया है। जानकारों का कहना ​​है कि अगर सैनिकों को हिंसा फैलाने से नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह केंद्र के लिए एक मौका हो सकता है। राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की जा सकती है। 

महा विकास अघाड़ी सरकार में बिजली मंत्री नितिन राउत ने कहा कि, 'अगर शिवसेना को कुछ होता है, तो मुंबई जल जाती है। जिस तरह से मुंबई में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है, मेरा मानना ​​है कि यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार बहाने के तौर पर सैनिकों की हिंसा का इस्तेमाल करके राष्ट्रपति शासन न लगा सके।'

उधर शिवसेना कार्यकर्ताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। मंत्री अनिल परब के खिलाफ एक्शन के बाद अब पूर्व विधायक अर्जुन खोटकर को निशाने पर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच एजेंसी ने खोतकर से जुड़े 78 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच किया है।