सिंधिया के उम्मीदवारों को हराना चाहते हैं विजयवर्गीय

Bhanwar Singh Shekhawat : वायरल वीडियो में कहा- कैलाश विजयवर्गीय की कुंठा बीजेपी को नुकसान पहुंचा सकती है

Publish: Jun 27, 2020 11:42 PM IST

सिंधिया के उम्मीदवारों को हराना चाहते हैं विजयवर्गीय
Photo courtsey : patrika

मध्यप्रदेश के धार जिले में बदनावर के वरिष्ठ बीजेपी नेता व पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत ने आरोप लगाया है कि बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय नहीं चाहते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का कोई भी समर्थक चुनाव जीते। वह सिंधिया से मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCT) चुनाव में तीन बार हारने का बदला लेना चाहते हैं। बीजेपी नेता शेखावत का आरोप है कि विजयवर्गीय को उपचुनाव में पार्टी की हार से कोई फर्क नहीं पड़ता है। हालांकि शेखावत के इस बयान पर प्रदेश अध्यक्ष बीड़ी शर्मा ने कहा है कि यह परिवार का मसला है हम इसे घर में बैठकर सुलझा लेंगे।

मध्यप्रदेश में 24 सीटों पर होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनाव के पहले बीजेपी नेताओं में असंतोष और अंतर्कलह के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बदनावर विधानसभा क्षेत्र से राजेश अग्रवाल की कैलाश विजयवर्गीय की पहल पर भाजपा में वापसी हुई है। इस बात से पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत नाराज हैं। उन्‍हें मनाने का जिम्‍मा पार्टी ने मालवा क्षेत्र के वरिष्‍ठ नेता कृष्‍णमुरारी मोघे को दिया है। मोघे ने दावा किया था कि शेखावत मान गए हैं। लेकिन शनिवार को शेखावत का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वे बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

भंवर सिंह शेखावत, राजेश अग्रवाल को फिर से पार्टी में शामिल किए जाने से नाराज हैं। उन्होंने कहा है कि 'पिछले विधानसभा चुनाव में विजयवर्गीय ने मुझे हराने के लिए अग्रवाल को पैसे दिए थे और उन्हें निर्दलीय चुनाव में खड़ा कराया था। अब कैबिनेट मंत्री पद का लालच देकर उन्होंने अग्रवाल को पार्टी में वापस लाया है। इस वजह से  बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। वैसे कार्यकर्ता जिन्होंने खून पसीनों से पार्टी को सींचा है उन्हें ठेस पहुंची है।' बता दें कि शुक्रवार को ही बदनावर विधानसभा के तकरीबन 500 बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण किया था। 

 

पुत्र को स्थापित करने के लिए कई नेताओं को हराया

शेखावत ने विजयवर्गीय को दूसरों के क्षेत्रों में अड़ंगा न डालने की भी नसीहत दी है। उन्होंने कहा, 'विजयवर्गीय को दूसरों के क्षेत्रों में इतनी दखलअंदाज़ी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश में हमेशा पार्टी विरोधी गतिविधियों का संचालन किया है साथ ही अपने पुत्र को राजनीति में स्थापित करने के लिए कई बड़े नेताओं को चुनाव हरवाया है। विजयवर्गीय खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते थे लेकिन नहीं बन पाए तो यह रास्ता अख्तियार कर लिया है। संगठन अगर इसपर जल्द विचार नहीं करेगी तो विजयवर्गीय बहुत नुकसान पहुंचा सकते हैं। 

शेखावत का यह बयान आने के बाद पार्टी नेता सकते में आ गए हैं। हालांकि मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस मामले पर सवाल पूछने पर कहा कि परिवार में यह चलता रहता है। हम बैठकर आपस में इसे खत्म कर लेंगे।