BCCI ने चेतन शर्मा समेत पूरी सेलेक्शन कमेटी को किया बर्खास्त, T20 वर्ल्ड कप में हार के बाद बड़ा फैसला

टी20 वर्ल्ड कप 2022 में टीम इंडिया के सेमीफाइनल से बाहर होने के बाद बीसीसीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। बोर्ड ने सेलेक्शन कमेटी को ही बर्खास्त कर दिया है।

Updated: Nov 19, 2022, 12:07 AM IST

BCCI ने चेतन शर्मा समेत पूरी सेलेक्शन कमेटी को किया बर्खास्त, T20 वर्ल्ड कप में हार के बाद बड़ा फैसला

मुंबई। टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के बाद BCCI ने बड़ा फैसला लिया है। क्रिकेट बोर्ड ने सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन चेतन शर्मा समेत पूरी कमेटी को बर्खास्त कर दिया है।
साथ ही बीसीसीआई ने खाली पदों के लिए नए आवेदन भी निकाल दिए है।

दरअसल, T20 वर्ल्डकप में खराब प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि आगामी वर्ल्डकप से पहले कई बड़े फैसले लिए जाएंगे। हालांकि, किसी को ये उम्मीद नहीं थी की सेलेक्शन कमेटी पर गाज गिरेगी। भारतीय क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला है, जब टीम के खराब प्रदर्शन की गाज चयनकर्ताओं पर गिरी है।

बता दें कि चयन समिति के चेयरमैन पूर्व टेस्ट क्रिकेटर चेतन शर्मा थे, जबकि बाकी सदस्य पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी, देवाशीष मोहंती, हरविंदर सिंह थे।बहरहाल, बोर्ड ने कड़ा फैसला लेते हुए नयी चयन समिति के लिए आवेदन भी जारी कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले दिनों हुई बोर्ड की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में क्रिकेट बोर्ड के आला अधिकारियों ने चयनकर्ताओं की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।

क्रिकेट बोर्ड ने नई चयन समिति के लिए जो आवेदन जारी किए हैं उसके मुताबिक आवेदन वही खिलाड़ी कर सकते हैं, जिन्होंने कम से कम 7 टेस्ट या 30 फर्स्ट क्लास मैच या 10 वनडे और 20 फर्स्ट क्लास मैच खेले हों। साथ ही उन खिलाड़ियों को क्रिकेट से सन्यास लिए कम से कम 5 साल हो गए हों। इन शर्तों के अलावा खिलाड़ी विशेष किसी भी क्रिकेट कमेटी का सदस्य न हो।

आवेदनकर्ता को अपना आवेदन नवंबर 28, शाम छह बजे तक भेज देना होगा। फॉर्म बीसीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। आमतौर पर एक सीनियर नेशनल सेलेक्टर का कार्यकाल चार साल का होता है। इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, जिन्हें बर्खास्त किया गया उनमें कुछ की नियुक्ति तो के सिर्फ दो साल ही पूरे हुए थे।

बता दें कि T20 विश्वकप से पहले एशिया कप 2022 में भी भारतीय टीम का निराशाजनक प्रदर्शन देखने को मिला था। एशिया कप की सबसे सफल माने जाने वाली टीम फाइनल तक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। उसे दूसरे दौर में श्रीलंका और पाकिस्तान से हार झेलनी पड़ी थी। ऐसे में कई लोग चयन समिति को कठघरे में खड़ा कर रहे थे।