BCCI: उम्र के नाम पर फर्जीवाड़ा किया तो दो साल का बैन

Cricket News: बीसीसीआई ने उन क्रिकेटरों पर दो साल का प्रतिबन्ध लगाने का फैसला किया है जिन्होंने विभिन्न आयु वर्ग में खेलने के लिए छिपाई अपनी असली उम्र

Updated: Aug-04, 2020, 01:21 AM IST

BCCI: उम्र के नाम पर फर्जीवाड़ा किया तो दो साल का बैन
Photo courtesy: sportzwiki.com

मुंबई। उम्र के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले क्रिकेटरों पर भारतीय क्रिकेट कण्ट्रोल बोर्ड ने नकेल कसने का फैसला ले लिया है। बीसीसीआई ने उम्र के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले क्रिकेटरों को एक निश्चित अंतराल तक क्रिकेट खेलने से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है।बोर्ड ने ऐसा क्रिकेट में उम्र संबंधी फर्जीवाड़ा रोकने के लिए किया है। बीसीईआई की यह निति 2020-21 के सत्र से लागू रहेगी। 

बीसीसीआई ने उन क्रिकेटरों पर दो साल का प्रतिबन्ध लगाने का फैसला किया है जिन्होंने विभिन्न आयु वर्ग में खेलने के लिए अपनी असली उम्र छिपाई है तथा बोर्ड को अपने उम्र के बारे में गलत जानकारी दी है। अपनी गलत उम्र बताने वाले क्रिकेटरों के फर्जीवाड़े को अगर बीसीसीआई पकड़ती है, तो ऐसे खिलाड़ियों के दो साल के प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बाद किसी भी तरह के आयु वर्ग टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति नहीं होगी।हालांकि जो क्रिकेटर स्वयं अपनी गलती मानते हुए अपने फर्जीवाड़े को स्वीकार कर लेता है तो उसपर बोर्ड प्रतिबन्ध नहीं लगाएगा।बोर्ड ने खिलाड़ियों को 15 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है।क्रिकेटरों को 15 सितंबर तक मेल अथवा पत्र और उनकी उम्र को सत्यापित करने वाले सभी दस्तावेज़ों को 15 सितंबर तक बोर्ड के उम्र सत्यापन विभाग में जमा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।  

इसके साथ ही जो खिलाड़ी अधिवास संबंधी गड़बड़ी करता है, जिसमें सीनियर महिला और पुरुष भी शामिल हैं, ऐसे खिलाड़ियों पर बोर्ड ने दो साल का प्रतिबन्ध लगाने का फैसला किया है।इसमें रेखांकित करने वाली बात यह है कि यहाँ स्वयं अपना अपराध कबूल करने वाली नीति लागू नहीं होगी। बीसीसीआई के मुताबिक़ अंडर-16 टूर्नमेंट में सिर्फ 14-16 आयु के खिलाड़ी ही हिस्सा ले सकते हैं।लेकिन कुछ खिलाड़ी अक्सर पनि कम उम्र बताकर काम आयु वर्ग की टीम में जगह बना लेते हैं।

अंडर-19 आयु वर्ग में यदि किसी खिलाड़ी का जन्म जन्म के बाद 2 वर्ष से अधिक का पंजीकरण पाया जाता है, जैसा कि जन्म प्रमाण पत्र में उल्लेख किया गया है, तो उस खिलाड़ी पर बीसीसीआई के अंडर-19 टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए अनुमति दिए गए वर्षों की संख्या पर प्रतिबंध रहेगा।

हम खिलाड़ियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध 
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा है कि 'हम सभी आयु वर्ग के खिलाड़ियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बीसीसीआई उम्र के फर्जीवाड़े का मुकाबला करने के लिए कदम उठा रहा है और अब आगामी घरेलू सीजन से भी सख्त उपाय शुरू कर रहा है । जो लोग स्वेच्छा से अपने दुराचार का खुलासा नहीं करते हैं, उन्हें भारी दंडित किया जाएगा और दो साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया जाएगा ।