केरल : सफाईकर्मी से ब्लॉक पंचायत अध्यक्ष बनीं ए आनंदवल्ली

केरल के कोलम जिले में संविदा सफाई कर्मचारी रहीं आनंदवल्ली महिला पंचायत अध्यक्ष चुने जाने के बाद अपनी ब्लॉक पंचायत को रोल मॉडल बनाना चाहती हैं

Updated: Jan 01, 2021, 08:39 PM IST

केरल : सफाईकर्मी से ब्लॉक पंचायत अध्यक्ष बनीं ए आनंदवल्ली
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आज केरल के पठानपुर पंचायत आफिस का नजारा बदला हुआ है। यहां अध्यक्ष पद पर वह मेहनती महिला आसीन हैं, जो पहले इसी दफ्तर में सफाईकर्मी के तौर पर काम करती थीं। उनकी 10 साल की मेहनत का ही नतीजा है कि आज वह पंचायत अध्यक्ष चुनी गई हैं। ए आनंदवल्ली केरल के कोल्लम जिले के पठानपुरम में पंचायत ऑफिस में संविदा सफाई कर्मचारी थीं। वे ऑफिस में चाय-पानी पिलाने और झाड़ूपोछा करती थीं। अब वे पंचायत अध्यक्ष बनकर महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़ी फाइलों का निपटारा करती नजर आ रही हैं।

पिछले दिनों केरल में स्थानीय निकाय के चुनाव हुए हैं। यहा वामपंथी गठबंधन को बड़ी सफलता मिली है। ए आनंदवल्ली इन्ही चुनावों में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति की रिजर्व सीट पर 654 वोटों से विजयी घोषित हुई हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने तलावुर डिवीजन के पतनापुरम ब्लॉक में अध्यक्ष पद के लिए आनंदवल्ली का नाम प्रस्तावित किया था। चुनाव में जीत हासिल करके आनंदवल्ली न सिर्फ पार्टी के भरोसे को सही साबित किया, बल्कि मेहनतकश महिलाओं के लिए सफलता की एक नई मिसाल भी कायम की है।

आनंदवल्ली ने अपनी जीत का क्रेडिट पार्टी को दिया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ सीपीएम में ही हो सकता है, जहां एक सफाई कर्मचारी को पंचायत अध्यक्ष बनने का मौका दिया जा सकता है। उन्होंने खुद पर भरोसा जताने के लिए अपनी पार्टी का धन्यावाद दिया है। आनंदवल्ली ने इस कामयाबी के लिए अपने परिवार, दोस्तों और स्थानीय लोगों को भी धन्यवाद दिया है। उनके परिवार के बाकी सदस्य भी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े हैं। 

आनंदवल्ली का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वे इतने बड़े दफ्तर में इतने बड़े पद पहुंच पाएंगी। ये वही दफ्तर है, जिसमें वो अंशकालिक सफाईकर्मी के तौर पर महज 6 हजार रुपए में काम कर रही थीं।  

आनंदवल्ली ने अध्यक्ष के रुप में काम करना शुरू भी कर दिया है। उनका कहना है कि उनकी इस जीत और नई जिम्मेदारी से उनके गांव के लोग बहुत खुश हैं। उनका कहना है कि यह जिम्मेदारी मिलने पर उन्हें थोड़ी घबराहट थी, लेकिन उनकी पार्टी के नेताओं और शुभचिंतकों ने उन्हें नई जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया। वे ब्लॉक पंचायत को रोल मॉडल बनाना चाहती हैं, जिसके लिए वे पूरी कोशिश करेंगी। वे अपने ब्लॉक के लोगों का जीवन स्तर और बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं।

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गौरतलब है किकेरल के इन्हीं चुनावों में 21 साल की आर्या राजेंद्रन देश की सबसे युवा महापौर चुनी गई हैं। केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट की सबसे युवा पार्षद तिरुवंतपुरम सिटी कॉर्पोरेशन की प्रमुख बनी हैं। दरअसल केरल में निकाय चुनावों में पार्टियों ने इस बार कई युवाओं को टिकट दिया। जिसमें उन्हें सफलता मिली है, प्रदेश की राजनीति से भ्रष्टाचार को खत्म करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।