Chhattisgarh By Election: मरवाही उपचुनाव के लिए अमित जोगी ने भरा नामांकन

मरवाही उपचुनाव के लिए जेसीसीजे अध्यक्ष अमित जोगी ने भरा नामांकन, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया कांग्रेस की जीत का दावा, कहा सरकार ने 15 महीने में जो काम किया है, उसका फल जनता जरूर देगी

Updated: Oct 16, 2020 06:14 PM IST

Chhattisgarh By Election: मरवाही उपचुनाव के लिए अमित जोगी ने भरा नामांकन
Photo Courtesy: Patrika

रायपुर। पत्नी के जाति प्रमाण पत्र पर उपजे विवाद के बाद आखिरकार जेसीसीजे अध्यक्ष अमित जोगी ने मरवाही उपचुनाव के लिए अपना नामांकन भर दिया है। शुक्रवार को अमित जोगी ने अपनी मां डाक्टर रेनू जोगी और पत्नी ऋचा जोगी के साथ पर्चा दाखिल किया। अमित जोगी ने उम्मीद जताई है कि हमेशा की तरह मरवाही की जनता जोगी परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखेगी। उन्होंने जीत का दावा किया है। नामांकन भरने से पहले अमित अपने पिता की समाधि पर उनका आशीर्वाद लेने भी पहुंचे।

कांग्रेस ने किया मरवाही में जीत का दावा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि मरवाही कांग्रेस की परंपरागत सीट है, यहां से कांग्रेस प्रत्याशी की जीत पक्की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के कार्यकाल में पिछले 15 सालों के दौरान मरवाही की अनदेखी हुई है। यह इलाका अब तक विकास से वंचित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेढ़ साल में सरकार ने जो काम किया है, उसका फल जनता जरूर देगी। आपको बता दें कि मरवाही से कांग्रेस से डॉक्टर कृष्णकांत ध्रुव ने गुरुवार को नामांकन का एक सेट जमा किया था। शुक्रवार को दूसरा सेट जमा करने के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर चरणदास महंत समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता मौजूद थे।

‘वैध जाति प्रमाण पत्र वाले प्रत्याशी लड़ेंगे चुनाव’

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जोगी परिवार की जाति के बारे में बात करते हुए कहा कि ‘वे चुनाव को चुनाव की तरह लड़ने में विश्वास रखते हैं। केवल वैध अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र वाले प्रत्याशी ही चुनाव लड़ेंगे, जिसके पास योग्यता का प्रमाण होगा, उसे कोई भी चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकता। इसका मूल्यांकन निर्वाचन आयोग करता है, सरकार नहीं।’ ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र की जांच के मामले में कांग्रेस पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा है।

 बीजेपी का दावा उनके कार्यकाल में हुआ विकास

मरवाही से बीजेपी प्रत्याशी डॉक्टर गंभीर सिंह चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय की मौजूदगी में गुरुवार को पर्चा भरा था। बीजेपी ने भी अपनी जीत का दावा किया है। वह मरवाही में 15 साल के विकास को लेकर जनता के बीच जाएगी। मरवाही की जनता को मालूम है कि बीजेपी के राज में जो विकास हुआ है वह ना पहले हुआ था और ना अभी हुआ है।

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मरवाही सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। मरवाही विधानसभा सीट में 1 लाख 90 हजार 907 वोटर्स हैं। जिनमें से 97 हजार 209 महिला, 93 हजार 694 पुरूष और 4 तृतीय लिंग के वोटर्स शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति (अजजा) के लिए मरवाही सीट रिजर्व है। यहां नामांकन पत्रों की जांच 17 अक्टूबर को होगी। वहीं 19 अक्टूबर उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। वोटिंग 3 नवंबर को होगी और नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। बीजेपी, कांग्रेस और जेसीसीजे चुनाव में पूरी ताकत से जनता को लुभाने की कोशिश में जुटी है।

यहां 3 नवंबर को वोटिंग होगी, चुनाव परिणाम 10 नवंबर को घोषित होंगे। गौरतलब है कि मरवाही से साल 2001 से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का वर्चस्व रहा है। अब कांग्रेस और बीजेपी यहां जीत हासिल कर जोगी परिवार का वर्चस्व खत्म करना चाहती हैं। वहीं जोगी परिवार अपनी परंपरागत सीट पर जीत हासिल करने की तैयारी में है।