बीजापुर नक्सली हमले में 23 जवानों के शहीद होने की खबर, कुछ अब भी लापता

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर में कल हुए मुठभेड़ के दौरान 30 जवान बुरी तरह से जख्मी हुए हैं, इनमें 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है, इस कायराना हमले में नक्सलियों ने दो दर्जन से ज्यादा हथियार लूटे हैं

Updated: Apr 04, 2021, 03:21 PM IST

बीजापुर नक्सली हमले में 23 जवानों के शहीद होने की खबर, कुछ अब भी लापता
Photo Courtesy: Jagran

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा-बीजापुर इलाके में सुरक्षबलों पर नक्सलियों द्वारा किए गए कायराना हमले में 18 और शहीद जवानों के शव मिले हैं। इसी के साथ इस मुठभेड़ में शहीद जवानों का संख्या बढ़कर 23 हो गया। इतना ही नहीं कुछ अन्य जवानों के लापता होने की भी खबर है। इतनी संख्या में सुरक्षबलों के शहीद होने की खबर के बाद देशभर के लोगों में नक्सलियों के खिलाफ आक्रोश फैल गया है। सोशल मीडिया पर लोग नक्सलियों को सबक सिखाने के लिए कठोर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मुठभेड़ में नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के दो दर्जन से ज्यादा हथियार छीन लिए हैं। इस मुठभेड़ में 30 जवानों के घायल होने की खबर है। इनमें से 7 की हालत नाजुक बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर शिफ्ट किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बात की है। उन्होंने सीएम बघेल को नक्सलियों के खिलाफ एकजुटता से लड़ाई लड़ने और जीतने का भरोसा दिलाया है।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि इस मुठभेड़ में नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया है कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। सीएम ने कहा है कि नक्सली हिंसा के खिलाफ राज्य सरकार सख्त कदम उठाएगी। इस मुठभेड़ में अबतक कुल कितने नक्सली मारे गए इस बात की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अबटक मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक 6 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं।

राज्य के नक्सल विरोधी अभियान के पुलिस उप महानिरीक्षक ओपी पाल ने बताया कि शुक्रवार रात को बीजापुर और सुकमा जिले से सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन, डीआरजी और एसटीएफ के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में बीजापुर जिले के तर्रेम, उसूर और पामेड़ से तथा सुकमा जिले के मिनपा और नरसापुरम से करीब दो हजार जवान शामिल थे।

पाल ने आगे बताया कि शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा पर सुकमा जिले के जगरगुंड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोनागुड़ा गांव के करीब नक्सलियों की पीएलजीए बटालियन तथा तर्रेम के सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ तीन घंटे से अधिक समय तक चली। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव बरामद किया है।

बता दें की पिछले महीने ही 23 मार्च को नक्सलियों ने नारायणपुर जिले में बारूदी सुरंग में विस्फोट कर बस को उड़ा दिया था। इस बस में सुरक्षाबल के जवान बैठे थे। इस घटना में बस में सवार डीआरजी के पांच जवान शहीद हो गए थे, वहीं दर्जनों के घायल होने की सूचना मिली थी।