Sensex ने पार किया रिकॉर्ड 50 हज़ार का आंकड़ा, निफ्टी में भी आई तेज़ी

बाज़ार को मिली बढ़त के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और एचडीएफ़सी बैंक के शेयरों में ज़बरदस्त उछाल को एक बड़ा कारण माना जा रहा है

Updated: Jan 21, 2021, 12:08 PM IST

Sensex ने पार किया रिकॉर्ड 50 हज़ार का आंकड़ा, निफ्टी में भी आई तेज़ी
Photo Courtesy: Mint

मुंबई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE ने गुरुवार को कारोबार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और 50 हज़ार के आंकड़े को पार कर लिया। Sensex के साथ साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज निफ्टी में भी काफी तेज़ी देखने को मिली। शेयर बाज़ार ने खुलने के साथ ही 50,096.57 जबकि NSE निफ्टी 14730 पर कारोबार की शुरूआत की। गुरूवार को बीएसई बीते दिन के मुकाबले 304 अंक और निफ्टी 86 अंकों की तेज़ी के साथ खुला। कारोबार के शुरुआती रूझान के मुताबिक Sensex ने 50,127 के आंकड़े को छू लिया है जबकि निफ्टी ने 14,738 तक पहुंच चुका है। 

इन शेयर्स में आई तेज़ी

BSE में सबसे ज़्यादा बजाज ऑटो, बजाज फाइनेंस, Bajaj Finserv, HCL Tech, Reliance Industriesc और Asian Paints के शेयर में तेज़ी देखने को मिली। इन शेयरों में करीब 1.43 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं Nifty ऑटो और एनर्जी सूचकांक में एक फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 

बुधवार को भी आई थी शेयर बाज़ार में तेज़ी 

शेयर बाज़ार में बुधवार को भी तेज़ी देखने को मिली थी। बुधवार की सुबह Sensex 110 अंकों की तेज़ी के साथ 49,508.79 पर खुला और सुबह दस बजे के आसपास यह 209 अंकों की उछाल के साथ 49,607.15 पर पहुंच गया था। कारोबार खत्म होने तक सेंसेक्स करीब 394 अंक ऊपर 49,792.12 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 124 अंकों की तेज़ी देखी गई थी। बुधवार को शेयर बाज़ार में आई तेज़ी के लिए आईटी और ऑटो शेयरों का काफी अहम योगदान रहा। इसी के मद्देनजर आज सेंसेक्स के उठाल को तय माना जा रहा था। 

क्यों आई कारोबार में तेज़ी 

शेयर बाज़ार के कारोबार में आई तेजी को लेकर जो बाइडेन के राष्ट्रपति पद की शपथ एक बड़ा कारण माना जा रहा है। कारोबारियों को उम्मीद है कि बाइडेन के आगमन से संघर्ष कर रही अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जान आ जाएगी। कुछ विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि शेयर बाज़ार में ताज़ा उछाल TCS, Wipro, HCL और HDFC बैंक की कॉरपोरेट अर्निंग की वजह से आया है। इसके साथ ही फरवरी महीने में पेश होने वाले भारत सरकार के आम बजट को भी तेज़ी का एक कारण माना जा रहा है। निवेशकों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं, शेयर कारोबार में तेजी आने के पीछे यह भी बड़ा कारण माना जा रहा है।