प्रदेश में 20 हज़ार से भी कम है किसानों की आमदनी, कृषि विभाग के 40 फीसदी पद खालीः जीतू पतटवारी

शिवराज सरकार की नीतियों पर जीतू पटवारी ने बोला हमला, कहा किसान हितैषी होने की नौटंकी कर रही है शिवराज सरकार, जब बीज की ज़रूरत थी तब नहीं दिए किसानों को बीज, आज किसानों को बीज बांटने का नाटक कर रहे हैं मुख्यमंत्री

Publish: Sep 23, 2021, 07:10 PM IST

प्रदेश में 20 हज़ार से भी कम है किसानों की आमदनी, कृषि विभाग के 40 फीसदी पद खालीः जीतू पतटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों की दयनीय स्थिति को लेकर कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा है कि इस समय प्रदेश में किसानों की औसत आमदनी 20 हज़ार रुपए से भी कम है। जीतू पटवारी ने किसानों की इस स्थिति के लिए सीधा शिवराज सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि आज किसानों से अधिक पैसे तो एक दिहाड़ी मज़दूर जुटा ले रहा है। मनरेगा से लोग एक महीने में 6 हज़ार रुपए कमा ले रहे हैं। लेकिन शिवराज सरकार की किसान विरोधी नीतियों ने प्रदेश के किसानों की कमर तोड़ दी है।  

कमल नाथ सरकार में मंत्री रहे जीतू पटवारी ने सीधा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आज किसानों को बीज बांटने का नाटक कर रहे हैं। जबकि जब किसानों को बीज की सबसे ज्यादा जरूरत थी तब सोयाबीन का बीज बाजार से गायब था। किसानों को 9000 रूपये से लेकर 12000 रूपये तक के दाम में बीज खरीदने को मजबूर होना पड़ा था।  

सूखाग्रस्त निमाड़ की नहीं है सीएम को सुध 

जीतू पटवारी यहीं नहीं रुके, उन्होंने निमाड़ के हालात से मीडिया को अवगत कराते हुए कहा कि  निमाड़ के इलाके में सूखा पड़ा हुआ है और शिवराज सिंह चौहान सरकार ने आज तक वहां के किसानों की सुध नहीं ली। इंदौर और आसपास के इलाके में आलू का किसान बुरी तरह परेशान है। मूंग के किसान की दुर्दशा आप सब को पहले से ही पता है।    

किसानों की आय के बजाय लागत दोगुनी हो गई 
कांग्रेस नेता ने किसानों की आय दोगुनी करने वाले मोदी सरकार के वादे का ज़िक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था। लेकिन किसानों की आमदनी तो दोगुनी नहीं हुई, लागत जरूर दोगुनी हो गई है। मध्यप्रदेश में बिजली के दाम डेढ़ गुना हो गए हैं, जबकि कमलनाथ सरकार में बिजली के बिल आधे हो गए थे। प्रदेश में डीजल के दाम भी दुगने स्तर पर पहुंच गए हैं। खाद और बीज की कीमत भी दुगनी हो गई हैं।  

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महंगाई बढ़ी लेकिन किसानों की एमएसपी नहीं  
जीतू पटवारी ने किसानों को उनकी फसल पर मिलने वाली एमएसपी और महंगाई दर में बढ़ोतरी की तुलना कर किसानों की लगातार खराब होती आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डाला। कांग्रेस विधायक ने कहा कि किसानों के लिए फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बमुश्किल 2 से 3 प्रतिशत का ही इजाफा हुआ है, जबकि इसी दौरान महंगाई दर 12 और 13 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। अगर स्थिर मूल्यों पर इसका आकलन किया जाए तो न्यूनतम समर्थन मूल्य पिछले साल की तुलना में कम ही हुआ है। 

कृषि विभाग में खाली हैं 40 फीसदी से अधिक पद 
कांग्रेस नेता ने किसानों की बदतर स्थिति के साथ-साथ शिवराज सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर भी सवाल उठाए। जीतू पटवारी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा काम करने का दावा करने वाले शिवराज सिंह चौहान की सरकार में पिछले 17 साल से कृषि विभाग में स्थाई पदों पर नियुक्ति नहीं हुई है। कृषि विभाग में 14572 पद स्वीकृत हैं, जबकि यहां सिर्फ 8000 कर्मचारी और अधिकारी तैनात है। इस तरह कृषि विभाग में करीब 40 प्रतिशत पद खाली पड़े हुए हैं।