WHO: 70 डिग्री से ज्यादा तापमान पर पकाए चिकन और अंडे से नहीं होता बर्ड फ़्लू का ख़तरा

देश में बर्ड फ्लू की दस्तक से चिकन, मीट और अंडे की बिक्री में कमी आई, WHO ने सलाह दी है कि मीट, चिकन और अंडे को अच्छी तरह पकाकर खाया जाए तो वायरस का खतरा नहीं रहेगा

Updated: Jan 08, 2021, 08:48 PM IST

WHO: 70 डिग्री से ज्यादा तापमान पर पकाए चिकन और अंडे से नहीं होता बर्ड फ़्लू का ख़तरा
Photo Courtesy: delicious.com.au

देश में बर्ड फ्लू की दस्तक के साथ ही मीट और अंडे की खरीद फरोख्त और खपत काफी कम हो गई है। जिसे लेकर चिकन प्रेमी परेशान हैं। वहीं विक्रेताओं में भी चिंता है, इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का एक बयान आया है, जिसमें कहा गया है कि अगर मीट, चिकन और अंडे को अच्छी तरह पकाने के बाद खाया जाए तो उसमें एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस यानी बर्ड फ्लू का ख़तरा नहीं होता। WHO का कहना है कि 70 डिग्री सेंटीग्रेड से ज्यादा तापमान में पकाने पर H5N1 वायरस खत्म हो जाता है।

 WHO की मानें तो इसके संक्रमण से बचने के लिए पक्षियों को घर में मारने से बचना चाहिए। मृत पक्षियों से दूरी बनाने की सलाह भी दी गई है। इसमें जरा सी लापरवाही इंसान को संक्रमित कर सकती है। बर्ड फ्लू का इंफेक्शन होने पर सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। जानकारों की मानें तो यह वायरस संक्रमित पक्षियों के माध्यम से फूड चेन में प्रवेश कर चुका है। इसीलिए चिकन, मीट और अंडा खाने से पहले उसे खूब अच्छी तरह पकाना ज़रूरी है।

गौरतलब है कि अब तक देश के कई राज्य बर्ड फ्लू की जद में आ चुके हैं। जिनमें मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, केरल और हरियाणा शामिल हैं। वहीं इन राज्यों से लगे कई राज्यों में बर्ड फ्लू का का खतरा बढ़ गया है। बर्ड फ्लू से देशभर में अबतक 25 हजार से ज्यादा कौवा, बत्तख, मुर्गी और प्रवासी पक्षियों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा केरल में 12 हजार बत्तखें मरी हैं।

हिमाचल प्रदेश में भी ढाई हजार प्रवासी पक्षियों ने दम तोड़ा है। मध्य प्रदेश में 200 पक्षियों की मौत हो चुकी है। इसी तरह राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी इसका असर है। बर्ड फ्लू के डर से लोग चिकन और अंडे जैसे पोल्ट्री प्रोडक्ट खाने से बच रहे हैं, जिससे इनकी खपत घट गई है। इसकी वजह से इनके दामों में 30-40 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी गई है। चिकन तो कई शहरों में 80-90 रुपए किलो बिक रहा है।

बर्ड फ्लू का खतरा इंसानों को उतना नहीं है, जितना कि पक्षियों को होता है। अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति बर्ड फ्लू किसी संक्रमित पक्षी या जानवर से करीबी संपर्क में रहता है, तभी यह खतरनाक साबित हो सकता है।