अमेरिका में 80 हजार भारतीय हुए बेरोजगार, 60 दिनों में नौकरी नहीं मिली तो छोड़ना होगा देश

अगर नौकरी से निकाले जाने के 60 दिनों के भीतर इन्हें कहीं दूसरी नौकरी नहीं मिलती है तो इन्हें अमेरिका छोड़ भारत आना पड़ेगा। ऐसे दौर में जब सभी आईटी कंपनियां छंटनी कर रही है तो नई नौकरी मिलना भी बेहद मुश्किल है।

Updated: Jan 24, 2023, 11:14 AM IST

अमेरिका में 80 हजार भारतीय हुए बेरोजगार, 60 दिनों में नौकरी नहीं मिली तो छोड़ना होगा देश

साल 2023 नौकरीपेशा खासकर IT पेशेवरों के लिए बुरा साबित होने वाला है। वैश्विक मंदी की आशंका के बीच दुनियाभर की कंपनियों ने छंटनी शुरू कर दी है। सबसे बुरे हालात अमेरिकी टेक जिएंट्स की है। इन कंपनियों में बीते साल के आखिर से ही छंटनी शुरू हो गई जो कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। इसका सबसे अधिक खामियाजा भारतीय आईटी पेशेवरों को उठाना पड़ रहा है।

अमेरिका में रह रहे हजारों भारतीय Google, Microsoft और Amazon जैसी कंपनियों में छंटनी के कारण अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। वे अब एक नई परेशानी से जूझ रहे हैं। इन हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों को अब अमेरिका में बने रहने के लिए वर्क वीजा के तहत नया रोजगार ढूंढना चुनौती बन गया है।
यदि वे 60 दिनों के भीतर दूसरी नौकरी नहीं ढूंढ पाते हैं तो उनका वर्क वीजा एक्सपायर हो जाएगा और उन्हें अमेरिका छोड़ना होगा।

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द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, पिछले साल नवंबर से लेकर अब तक लगभग अमेरिका में लगभग 2 लाख आईटी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। इनमें सबसे अधिक छंटनी Google, Microsoft, Facebook और Amazon जैसी बड़ी कंपनियों में हुई है। इनमें से तकरीबन 40 फीसदी लोग यानी कि 80 हजार के आसपास भारतीय आईटी पेशेवर हैं जो h1b और l-1 वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं।

h1b वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है। यह वीजा आमतौर पर उन लोगों को जारी किया जाता है, जो रोजगार के आधार पर स्थाई निवासी का दर्जा हासिल करना चाहते हैं। इस वीजा को एक निश्चित अवधि के लिए जारी किया जाता है। यानी अमेरिका में कंपनियां अगर किसी विदेशी नागरिक को नौकरी देना चाहती है तो कर्मी इसी वीजा के जरिये कंपनी में काम कर पाते हैं।

इसी तरह L-1A और L-1B वीजा ऐसे लोगों को जारी किया जाता है जो खास किस्म की विशेषज्ञता रखते हैं। ऐसे लोग अक्सर कंपनियों में मैनेजमेंट लेवल पर होते हैं। अब नौकरी जाने के बाद ऐसे लोगों अमेरिका में रहने के विकल्पों की तलाश करनी पड़ रही है। ये चाह रहे हैं कि जल्द से जल्द इन्हें किसी और कंपनी में कोई नौकरी मिल जाए ताकि ये अमेरिका में रह सकें।

अगर नौकरी से निकाले जाने के 60 दिनों के भीतर इन्हें कहीं दूसरी नौकरी नहीं मिलती है तो इन्हें अमेरिका छोड़ भारत आना पड़ेगा। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में जब सभी आईटी कंपनियां छंटनी कर रही है तो ऐसे में इतनी जल्दी दोबारा नौकरी मिलना भी असंभव सा है।