आतंक के साए में अफगानिस्तान, काबुल से महज एक घंटे की दूरी पर हैं तालिबानी

अमेरिकी दूतावास से अधिकारियों को सुरक्षित निकालने के लिए बाइडेन प्रशासन ने 3 हजार सैनिकों को भेजा, तालिबान की भारत को गीदड़ भभकी, मिलिट्री भेजी तो अच्छा नहीं होगा

Updated: Aug 14, 2021, 12:14 PM IST

आतंक के साए में अफगानिस्तान, काबुल से महज एक घंटे की दूरी पर हैं तालिबानी

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। तालिबान ने अफगानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में लगभग पूरा कब्जा कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकियों ने चार और प्रांतों की राजधानियों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। चिंता की बात ये है कि कंधार समेत करीब 19 प्रांतों पर कब्जा कर चुका तालिबान अब काबुल एयरपोर्ट से भी महज एक घंटे की ही दूरी पर है। 

राजधानी काबुल पर तालिबानी आतंकी कभी भी चढ़ाई कर सकते हैं। इसी बीच अमेरिका ने अपने 3 हजार सैनिकों को काबुल भेज दिया है। हालांकि, ये सैनिक काबुल को तालिबानी कब्जे से बचाने के लिए नहीं बल्कि अमेरिकी दूतावास से अधिकारियों को सुरक्षित वापस निकालने के लिए पहुंचे हैं। उधर ब्रिटेन  ने भी अपने बाकी सैनिकों की सुरक्षित वापसी के लिए करीब 600 अतिरिक्त सैनिकों को अफगानिस्तान के लिए रवाना कर दिया है।

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अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों द्वारा सेना भेजे जाने से ये संकेत मिल रहे हैं कि अफगानिस्तान सरकार तालिबान से निपटने में सक्षम नहीं है। माना जा रहा है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो जल्द ही राजधानी काबुल तालिबानी आतंकियों के कब्जे में होगा। उधर  तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद सुहैल शाहीन ने भारत को भी गीदड़ भभकी दी है। 

न्यूज़ एजेंसी से बातचीत के दौरान तालिबानी प्रवक्ता मोहम्मद सुहैल शाहीन ने कहा है कि भारत सरकार यदि अफगानिस्तान में मिलिट्री भेजती है तो अच्छा नहीं होगा। अफगानिस्तान में दूसरे देशों की मिलिट्री का हाल दुनिया देख ही चुकी है। हालांकि उसने कमिटमेंट देते हुए कहा है कि अफगानिस्तान के जमीन का उपयोग भारत के खिलाफ नहीं होगा। सुहैल ने यह भी कहा है कि भारत ने अफगानिस्तान के लोगों और यहां के प्रोजेक्ट्स में जो मदद की है, वह अच्छा है।

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अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकियों के क्रूरता की कहानियों ने लोगों को झकझोर दिया है। वे तालिबानी लड़ाके युवतियों को घरों से जबरन उठाकर ले जा रहे हैं। तालिबानी आतंकी कितने क्रूर हैं, इस बात का अंदाजा आप अफगानिस्तान के एक 22 वर्षीय महिला पत्रकार की आपबीती से लगा सकते हैं। द गार्जियन से एक महिला पत्रकार ने बताया कि, 'आतंकियों ने शहर पर कब्जा कर लिया है। अफगानी लड़कियों की शादी अपने आतंकियों से करा रहे हैं। मैं भी सुरक्षित नहीं हूं। मुझे घर छोड़कर भागना पड़ा है। पिछले हफ्ते तक मैं रिपोर्टर थी, लेकिन कुछ ही दिन में मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं डरी हुई हूं। नहीं जानती घर लौटूंगी या नहीं। माता-पिता को फिर देख सकूंगी या नहीं।'

भारतीय चॉपर पर कब्जा

इससे पहले ये भी खबर आई थी कि तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्तान में एक भारतीय चॉपर को हड़प लिया है। दरअसल, भारत सरकार ने साल 2019 में अफगानिस्तान सरकार को 4 MI-24 लड़ाकू हेलीकॉप्टर गिफ्ट किया था। इनमें से एक हेलीकॉप्टर कुंदुज एयरपोर्ट पर मौजूद था। बुधवार को एयरपोर्ट पर अटैक कर आतंकियों ने इसे कब्जे में ले लिया है। गनीमत ये है कि हेलीकॉप्टर उड़ने और अटैक करने की स्थिति में नहीं है। क्योंकि अफगानिस्तान सेना ने इसके इंजन और कलपुर्जे पहले ही निकाल लिए थे।