24 दिनों के बाद हटा खरगोन में कर्फ्यू, रामनवमी के जुलूस के दौरान भड़की थी हिंसा

इस हिंसा में खरगोन के एसपी सिद्धार्थ चौधरी को पैर में गोली भी लगी थी, कोतवाली टीआई बनवारीलाल मंडलोई सहित कई पुलिसकर्मियों को चोट लगी थी

Updated: May 04, 2022, 07:24 PM IST

24 दिनों के बाद हटा खरगोन में  कर्फ्यू,  रामनवमी के जुलूस के दौरान भड़की थी हिंसा
Photo Courtesy: deccanherald

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन में 10 अप्रैल को भड़की हिंसा की आग तो शांत हो गई थी, लेकिन हिंसा की लपटों को बुझाने के लिए लगाया गया कर्फ्यू 24 दिन बाद आज खत्म हुआ है। रामनवमी के जुलूस के दौरान हिंसा भड़की थी, जिसके बाद से ही कर्फ्यू लगाया गया था। आज खरगोन के एसडीएम मिलिंद ढोंके जानकारी देते हुए बताया कि 10 अप्रैल से लगाया गया कर्फ्यू आज पूरी तरह खत्म किया जा रहा है। 

सभी धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि डीजे साउंड बजाने को लेकर अभी किसी तरह का फैसला नहीं लिया गया है। प्रशासन ने यह निर्णय शांति समिति की बैठक के बाद लिया है। गौरतलब है कि इस हिंसा में इब्रिस नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी और शुभम नाम के व्यक्ति को गंभीर चोटें आई थीं, जिसका इलाज अभी भी चल रहा है। 

इस हिंसा में खरगोन के एसपी सिद्धार्थ चौधरी को पैर में गोली भी लगी थी। कोतवाली टीआई बनवारीलाल मंडलोई सहित कई पुलिसकर्मियों को चोट लगी थी। इस हिंसा के बाद लगभग 74 केस दर्ज किए गए थे, अभी तक 177 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

इस मामले में सरकार पर एकतरफा कार्रवाई करने के आरोप भी लगे थे। एक पीड़ित ने सरकार के कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका भी लगाई थी। याचिका में कहा था कि उसकी संपत्ति कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय से होने के कारण उसके खिलाफ प्रतिशोध लेते हुए राज्य ने ध्वस्त कर दी। जिसके बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य को नोटिस जारी किया था।