नए वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर मप्र में अलर्ट, एक बार फिर आधी क्षमता से स्कूल खोलने का फैसला

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में जारी रहेंगी ऑनलाइन क्लास, विदेश से आने वालों पर रखी जाएगी नजर, जरूरी दवाओं, ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी दिए निर्देश

Updated: Nov 28, 2021, 05:18 PM IST

नए वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर मप्र में अलर्ट, एक बार फिर आधी क्षमता से स्कूल खोलने का फैसला
Photo Courtesy: the print

भोपाल। साउथ अफ्रीका में मिले नए कोरोना वेरिएंट को लेकर देश के साथ-साथ प्रदेश में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। वर्तमान में देश में इस वेरिएंट का कोई केस रजिस्टर्ड नहीं है, लेकिन सरकार इसे लेकर सतर्क हो गई है।  सरकार ने एहतियात के तौर पर कई कड़े फैसले लिए है। अब स्कूलों को केवल 50 फीसदी क्षमता के साथ खोला जाएगा। आनलाइन क्लासेस पहले की तरह ही जारी रहेंगी।

भोपाल और इंदौर के केसेस पर खास निगरानी रखी जाएगी। फिलहाल शादी समारोहों को लेकर कोई नई गाइडलाइन नहीं जारी की गई है।स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति का नियम सोमवार  लागू किया जा रहा है। सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में आधी क्षमता से छात्रों को बुलाया जाएगा। छात्रों  को एक-एक दिन छोड़कर केवल  3 दिन ही स्कूल आना होगा। पेरेंट्स की परमीशन के बाद ही छात्रों को स्कूल बुलाया जाएगा। बिना अनुमति के उन्हें नहीं बुलाया  जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि18 साल से कम उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है, ऐसे में स्कूली बच्चों के साथ कोई रिस्क नहीं ली जा सकती। 

 

 इंटरनेशनल फ्लाइट्स सेमप्र आने वालों यात्रियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इनकी जांचे भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के आधार पर की जाएगी। लक्षण मिलने पर उन्हें आइसोलेशन में  रखा जाएगा। जिनोम सीक्वेंसिंग के सैंपल की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

रविवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि मध्य प्रदेश में रोजाना करीब 58 से 60 हजार लोगों की जांचे हो रही हैं। प्रदेश में बीते 50 दिनों में 506 मरीज मिले हैं। वर्तमान में प्रदेश में 122 एक्टिव मरीज हैं। अब तक प्रदेश में करीब 7 लाख 93 हजार 129 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 7 लाख 82 हजार 479 रिकवर हुए, जबकि 10 हजार 528 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है। सीएम ने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। रेमडेसीविर इंजेक्शन, अन्य दवाओं समेत ऑक्सीजन लाइनों और ऑक्सीजन प्लांट को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।