हाईकोर्ट जज को खरीदने की कोशिश पड़ी भारी, BJP विधायक संजय पाठक पर अवमानना केस दर्ज होगा

MP हाईकोर्ट ने बीजेपी विधायक संजय पाठक के खिलाफ आपराधिक अवमानना का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दए हैं। उन्होंने एक केस में जज को फोन लगाया था।

Updated: Apr 02, 2026, 06:12 PM IST

जबलपुर। मध्य प्रदेश के दूसरे सबसे अमीर विधायक संजय पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। हाईकोर्ट जज को खरीदने की कोशिश मामले में अब उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उच्च न्यायालय ने पाठक के विरुद्ध आपराधिक अवमानना का केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पाठक पर अवैध उत्खनन से जुड़े एक मामले में सुनवाई से पूर्व हाईकोर्ट के जज से फोन पर बात करने की कोशिश के आरोप हैं।

जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में आरोप था कि विधायक संजय पाठक ने जस्टिस विशाल मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की, जो न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता था।

दरअसल, संजय पाठक परिवार से जुड़ी खदानों की सुनवाई जस्टिस मिश्रा की अदालत में लंबित थी। 1 सितंबर 2025 को एमपी हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा ने ऑर्डर में लिखा था कि- बीजेपी विधायक संजय पाठक ने मुझे एक पर्टिकुलर मैटर (पाठक परिवार की खनन कंपनियों ) पर चर्चा करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने के पक्ष में नहीं हूं।

याचिकाकर्ता ने कहा कि पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव और पुनीत श्रोती उपस्थित रहे। डिवीजन बेंच ने विधायक की आपत्ति को दरकिनार कर उन्हें नोटिस जारी करने और जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित ने जून 2025 में हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें कहा कि पाठक परिवार की कंपनियों के अवैध खनन की शिकायतें ईओडब्ल्यू में की थीं। 6 महीने बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी। केस में पाठक परिवार की कंपनियों ने इंटर विन एप्लिकेशन लगाई। इसके बीच खनिज विभाग के प्रमुख सचिव ने इनके खिलाफ 443 करोड़ का जुर्माना लगाया। बहरहाल, अब कोर्ट ने पाठक को नोटिस जारी कर पूछा कि आपके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।