कंधा किसी और का बंदूक किसी और की थी, गाड़ी पर पथराव मामले पर बोले विक्रांत भूरिया 

भगोरिया मेले के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के काफिले पर हुआ था हमला, विक्रांत ने बीजेपी पर लगाया षड्यंत्र का आरोप

Updated: Mar 29, 2022, 04:20 PM IST

कंधा किसी और का बंदूक किसी और की थी, गाड़ी पर पथराव मामले पर बोले विक्रांत भूरिया 

भोपाल। अलीराजपुर जिले के भगोरिया मेले से लौटते वक्त पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के काफिले पर हमला हुआ। विक्रांत भूरिया ने मंगलवार को राजधानी भोपाल में इस हमले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। भूरिया ने इस दौरान बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कंधा किसी और का था का बंदूक किसी और की थी।

भूरिया ने कहा कि, 'हमले के बाद हमने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। बावजूद इसके हमारे खिलाफ ही अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया। हमारी FIR तक नहीं लिखी गई। पुलिस पर सत्ताधारी दल का दबाव था। हमें कहा गया कि आप सरकार के खिलाफ मत बोलिए। लेकिन हम साफ करना चाहते हैं कि हम सच के साथ हैं। हम जेल जाने से नहीं डरते। जिसे जो करना है करे। हम डरने वाले नहीं है।'

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भूरिया ने इस दौरान मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा और व्यापमं में गड़बड़ी को लेकर भी शिवराज सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि, 'प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधेरे में चला गया है। मध्य प्रदेश व्यापमं पार्ट 3 की तरफ़ आगे बढ़ रहा है। आखिर मुख्यमंत्री के ओएसडी लक्ष्मण सिंह के पास स्क्रीनशॉट कहां से आए? अभी तक लक्ष्मण सिंह का मोबाइल ज़ब्त क्यों नहीं किया गया? सरकार को जवाब देना होगा।'

भूरिया के मुताबिक बीजेपी का संगठन भी इस बंदरबाट में शामिल है। उन्होंने कृषि परीक्षा में फ़र्ज़ीवाड़ा का आरोप लगाते हुए कहा कि, 'इस परीक्षा के सभी 10 टॉपर्स के फ़ोटो वीडी शर्मा के साथ वायरल हुए हैं। इसे संयोग कहें या फर्जीवाड़ा कि टॉप 10 उम्मीदवार एक ही समुदाय, एक ही क्षेत्र और एक ही कॉलेज के हैं। इतना ही नहीं उनके अंक और परीक्षा में की गई गलतियां भी एक जैसी ही हैं।'

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भूरिया ने आगे कहा कि, 'बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मामले में शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने देशभर में पहला स्थान हासिल कर लिया है। बेरोजगारी का आलम ये है कि पंजीयक बेरोजगार प्रदेश में 35 लाख से ज्यादा हैं। असल में तो ये आंकड़ा 50 से 70 लाख के बीच होगा। सरकारी नौकरी का सपना भाजपा की इस भ्रष्टाचारी सरकार ने चूरचूर कर दिया। मुख्यमंत्री के ओएसडी पेपर लीक करवाते हैं। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दूसरों का हक छीनकर अपने लोगों में रेवड़ी बांटते हैं। पहले तो चार साल भर्ती परीक्षाएं ही नहीं आती और जब निकलती है तो पेपर लीक हो जाता। जैसे तैसे पूरी होती हैं तो नतीजे बदल जाते हैं। शिवराज सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और फ़र्ज़ीवाड़ा का तोहफ़ा दिया है।'