बारिश ने खोली भोपाल नगर निगम की पोल, दो घंटे में ही कई इलाके जलमग्न, लोगों का तंज- बोट के बदले वोट देंगे

राजधानी भोपाल में सोमवार को दिखे बाढ़ जैसे हालात, दो घंटे की बारिश में ही सड़कों पर जमा हुआ 2 फीट तक पानी, कांग्रेस महापौर प्रत्याशी विभा पटेल ने साधा बीजेपी पर निशाना

Updated: Jul 04, 2022, 08:33 PM IST

बारिश ने खोली भोपाल नगर निगम की पोल, दो घंटे में ही कई इलाके जलमग्न, लोगों का तंज- बोट के बदले वोट देंगे

भोपाल। राजधानी में सोमवार सुबह दो घंटे की झमाझम बारिश हुई। हालांकि, दो घंटे की इस बारिश ने ही नगर निगम के तमाम दावों की पोल खोल दी। बारिश के बाद राजधानी के कई इलाके जलमग्न हो गए। सड़कों पर इतना पानी भर गया, जैसे तालाब हो। निकाय चुनाव से पूर्व उत्पन्न हुए इस हालात ने जहां कांग्रेस को बोलने का मौका दे दिया, वहीं लोग कह रहे हैं कि हम बोट (नाव) के बदले वोट देंगे।

दरअसल, आज भोपाल नगर निगम के चुनाव प्रचार का अंतिम दिन था। शाम पांच बजे के तक ही चुनाव प्रचार की अनुमति थी। सुबह तो ढोल-ढमाकों के साथ पार्षद उम्मीदवार कॉलोनियों में विकास के वादे करते हुए अपने लिए वोट मांग रहे थे। लेकिन जैसे ही बारिश शुरू हुई और नालियां चोक होने के कारण गंदा पानी कचड़े के साथ सड़क पर आकर घरों में घुसना शुरू हुआ, वर्तमान पार्षद गायब हो गए। 

राजधानी के कई कॉलोनियों में पुराने पार्षदों के साथ वर्तमान में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को जनता की नाराजगी झेलनी पड़ी। हालांकि, विपक्षी दल यानी कांग्रेस उम्मीदवार इस नाराजगी का फायदा उठाते दिखे। उन्होंने जलमग्न इलाकों में जाकर रहवासियों से निगम सरकार बदलने की अपील की। इस बीच सोशल मीडिया पर बारिश के बाद हुए स्थिति की तस्वीरें वायरल हो रही है। लोग अब कह रहे हैं कि हमें वोट डालने के लिए बोट की जरूरत है।

राजधानी में स्थिति भी कुछ ऐसी ही निर्मित हुई। शहर में करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से से सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम बनाए गए हैं। बावजूद कोलार, सिंधी कॉलोनी, शाहजहांनाबाद समेत पुराने शहर के कई इलाकों में सीवेज-ड्रेनेज सिस्टम फेल हो गया। कई इलाकों में तो टूव्हीलर और फोर व्हीकल गाड़ियां तक पानी में फंस गई।

कोलार में दो साल पहले ही सीवेज-ड्रेनेज सिस्टम पर 162 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। हाल ही में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसका लोकार्पण किया था। बावजूद यहां जलभराव के हालात बन गए हैं। नयापुरा, ललिता नगर की सड़कें पूरी तरह से जलमग्न है और दुकानों में पानी भर गया है। मंदाकिनी, बीमाकुंज, कान्हाकुंज में भी ऐसे ही हालात है। शाहपुरा, तुलसीनगर समेत अवधपुरी, शिवनगर, करोंद, बाग सेवनिया, बाग मुगालिया, सैफिया कॉलेज रोड, हमीदिया रोड, छोला, सिंधी कॉलोनी, सुभाषनगर, घोड़ा नक्कास, ज्योति टॉकीज चौराहा, अयोध्या बायपास समेत कई इलाकों में सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया।

जलजमाव को लेकर कांग्रेस की ओर से महापौर पद की प्रत्याशी विभा पटेल ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि, 'कुछ घंटों की बारिश में ही जान जीवन तहस नहस हो गए। जगह जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। निचली बस्तियों में जो पानी भरा है वो आगे चलकर गंदगी और बीमारियों को जन्म देगा। क्या आपने ऐसे ही भोपाल की कल्पना की थी? ये स्थिति तो केवल चंद घंटों की बारिश की है। अगर लगातार बारिश हो तो शायद हमारा भोपाल का जीवन पूरी तरह से छिन्न भिन्न हो जाएगा। आवश्यकता है कि नगर निगम के पास जो अमला है और संसाधन है उसका उपयोग किया जाए। कहीं पर भी न तो जलभराव की स्थिति उत्पन्न होनी चाहिए। इसके लिए आइए हम सब मिलकर स्वच्छ और सुंदर भोपाल बनाएं।