Lakes से पटी City of Lakes की सड़कें, सीएम कहते थे MP की सड़कों के सामने वाशिंगटन के रोड हैं फेल

राजधानी भोपाल की सड़कों ने खोली सीएम शिवराज के डींगों की पोल, सड़कों की झील से बदनुमा हुई झीलों की नगरी, लोगों को याद आया शिवराज का पुराना बयान

Updated: Aug 05, 2021, 09:29 PM IST

Lakes से पटी City of Lakes की सड़कें, सीएम कहते थे MP की सड़कों के सामने वाशिंगटन  के रोड हैं फेल

भोपाल। मध्य प्रदेश की सड़कें वॉशिंगटन की सड़कों से भी बेहतर हैं। करीब चार साल पहले अमेरिका दौरे पर गए मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने यह बयान दिया था। तब से वो दोबारा और कुल चौथी बार मुख्यमंत्री बन गए, लेकिन भोपाल की सूरत बदतर होती रही। मुख्यमंत्री आवास से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर भारत टॉकीज के रास्ते में बने रोटीनुमा गड्ढ़ों ने आज एक बार फिर लोगों को फिर से सीएम के पुराने बयान की याद दिला दी।

भारत टॉकीज वह इलाका है, जहां भोपाल का मुख्य रेलवे स्टेशन है, जहां देशभर से भोपाल आनेवाले यात्री शहर का पहला दर्शन करते हैं। यहां एक तरफ महिलाओं के लिए बना सुल्तानिया जनाना हॉस्पिटल है और यहीं पर सुबह सुबह मजदूरों की मंडी भी लगती है। शायद रेलयात्री, मजदूर और महिला मरीज सरकार की प्राथमिकताओं से इतने दूर हैं कि चार किमी की दूरी भी चार बार मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज चौहान सरकार की फाइलें तय नहीं कर पा रही हैं। 

राजधानी भोपाल में लगभग एक हफ्ते की बारिश में मुख्यमंत्री की डींगें डूब रही हैं। अपनी घोषणाओं के लिए जाने जानेवाले मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को स्थानीय लोग सोशल मीडिया पर बयान की याद दिला रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने भी इस सड़क की तस्वीर को साझा किया है। अरुण यादव ने ट्वीट किया है कि, 'मध्य प्रदेश की सड़कें अमेरिका से अच्छी हैं' आपको याद है यह वक्तव्य हमारे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी ने दिया था। यह फ़ोटो भोपाल स्थित भारत टाकीज के सामने की है।' 

भारत टॉकीज के पास ही रहने वाले अब्दुल नफीस ने इस तस्वीर की सत्यता की पुष्टि करते हुए चिंता जताई है। अब्दुल ने हमसमवेत से बातचीत के दौरान कहा कि, 'सीएम शिवराज भले ही यह कहें कि राज्य की सड़कें अमेरिका से बेहतर हैं। लंबी फेंकने की उनकी आदत है। मगर इस सच्चाई से इनकार नहीं किया जा सकता कि भोपाल में सड़कों पर चलना दूभर है। इस सड़क की सीएम आवास से  दूरी महज 4 किलोमीटर  है, आकर देख लें। सड़कों पर झील ही झील बने हुए हैं। स्थिति यह है कि यहां जरा सी सावधानी हटी और दुर्घटना घटी।'

दरअसल, साल 2017 में सीएम शिवराज ने वॉशिंगटन में यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक फोरम के दौरान निवेशकों के साथ चर्चा के दौरान कहा था कि, 'जब मैं वाशिंगटन के हवाई अड्डे पर उतरने के बाद सड़क मार्ग से गया, तो मुझे महसूस हुआ कि मध्य प्रदेश की सड़कें अमेरिका से कहीं बेहतर हैं।' 

इस बारे में पूछने पर सिटी सर्कल तहसीलदार देवेंद्र चौधरी ने कहा कि, 'मैने इन गड्ढों को नहीं देखा है। सत्यता की पुष्टि के लिए मुझे भारत टॉकीज जाना पड़ेगा। आंखों देखे बगैर मैं कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं हूं।' उधर स्थानीय लोगों ने बताया कि इस बात की जानकारी सभी आला अधिकारियों को है, वे खुद इस रास्ते से गुजरते हैं, यहां आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं।'

राजधानी को स्मार्ट बनाने के पीछे भागनेवाली भाजपा सरकार शहर की सड़कों के प्रति लापरवाह नजर आ रही है। शहर के उन इलाकों पर तो सरकार का बिल्कुल ही ध्यान नहीं है जो पुराने भोपाल के अंतर्गत आते हैं। नगरीय विकास के जानकार आरोप लगा रहे हैं कि सरकार ने करीब 25 सालों से  शहर के बारे में सोचा ही नहीं, और मास्टर प्लान बनकर धूल फांक रहा है। शहर की किस्मत सत्ता की अनदेखी का शिकार है।