राजगढ़ में भाजपा नेता पर कुल्हाड़ी से हमला, मंत्री गौतम टेटवाल पर लगाए गंभीर आरोप

MP के राजगढ़ में अतिक्रमण विवाद में सुल्तानिया सरपंच व BJP नेता जितेंद्र मालवीय पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला हुआ। सरपंच ने राज्यमंत्री गौतम टेटवाल पर हमले की साजिश का आरोप लगाया है।

Updated: Apr 03, 2026, 03:45 PM IST

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर में गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे अतिक्रमण विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। उस दौरान भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और सुल्तानिया गांव के सरपंच जितेंद्र मालवीय उर्फ जितेंद्र हाथिया पर कुल्हाड़ी और डंडों से हमला कर दिया गया। इस हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई। जिसके बाद वे पचोर थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई।

घायल सरपंच ने आरोप लगाया है कि यह हमला सोची समझी साजिश के तहत कराया गया है। साथ ही उन्होंने आरोप है कि इसके पीछे सारंगपुर विधायक एवं राज्यमंत्री गौतम टेटवाल का हाथ है। उनका कहना है कि मंत्री ने पहले भी उन्हें मामले को खत्म करने के लिए 70 से 80 लाख रुपए देने का प्रस्ताव दिया था जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। सरपंच के अनुसार, हमलावरों ने भी घटना के दौरान मंत्री का नाम लेते हुए उन्हें धमकी दी थी।

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यह पूरा विवाद सुल्तानिया पंचायत में हाल ही में हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ था। बीते 30 मार्च को पचोर तहसीलदार की मौजूदगी में सात पटवारियों की टीम ने सरपंच के आवेदन पर जमीन से कब्जा हटाया था। इसी कार्रवाई से नाराज होकर कैलाश नागर और दुर्गाप्रसाद नागर ने कथित रूप से सरपंच पर हमला किया था। सरपंच का कहना है कि वे सुबह ट्रैक्टर से गांव का कचरा फेंकने गए थे तभी दोनों आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और बाद में अन्य लोगों ने भी मारपीट की थी।

वहीं, दूसरे पक्ष ने अलग कहानी पेश की है। घायल दुर्गाप्रसाद ने आरोप लगाया कि वे खेत में काम कर रहे थे तभी सरपंच ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की थी। इसके बाद विवाद बढ़ा और 30-40 लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इस घटना में कैलाश नागर के पैरों में भी चोट आई है।

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मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस FIR दर्ज की है। थाना प्रभारी शकुंतला बामनिया के मुताबिक, सरपंच की हालत गंभीर है और उनके बयान के आधार पर कैलाश नागर और दुर्गाप्रसाद के खिलाफ मारपीट और जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, आरोपी पक्ष की शिकायत पर सरपंच जितेंद्र मालवीय सहित नंदू, राकेश और कालू के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

इस बीच राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और सरपंच सिर्फ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना के समय वे सारंगपुर में मौजूद नहीं थे और यह स्थानीय स्तर का आपसी विवाद है जिससे उनका कोई संबंध नहीं है।

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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सरपंच जितेंद्र मालवीय के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले तीन सालों में यह उनके खिलाफ आठवीं FIR है। उन पर मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा और छेड़छाड़ जैसे आरोपों में पचोर और सारंगपुर थानों में मामले दर्ज हैं। साथ ही उनके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई भी लंबित है।