धृतराष्ट्र को सिंहासन चाहिए, दुशासन और दुर्योधन के कुकृत्यों पर अंधेपन का ढोंग, BJP पर बरसे जयवर्धन सिंह

भोपाल जिला पंचायत चुनाव के दौरान कांग्रेस सदस्यों को लेकर केंद्र के भीतर चले गए थे बीजेपी के मंत्री और विधायक, कांग्रेस बोली- सत्ता का नंगा नाच, रामेश्वर की तस्वीर पोस्ट कर जयवर्धन ने साधा निशाना

Updated: Jul 30, 2022, 08:48 PM IST

धृतराष्ट्र को सिंहासन चाहिए, दुशासन और दुर्योधन के कुकृत्यों पर अंधेपन का ढोंग, BJP पर बरसे जयवर्धन सिंह

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान हुई घटना को लेकर कांग्रेस सत्ताधारी दल बीजेपी पर हमलावर है। चुनाव पूर्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के साथ हुई धक्का मुक्की को लेकर कार्यकर्ताओं में भी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले में सिंह के बेटे और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

जयवर्धन ने कहा है कि धृतराष्ट्र को सिंहासन चाहिए इसलिए दुशासन के कुकृत्यों पर अंधेपन का ढोंग करना पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, 'सत्ता का इतना लालच!!! ये मप्र में भाजपा के विधायक एवं प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा जी है जो एक महिला सदस्य को इस तरह घसीटते हुये ले जा रहे हैं। लेकिन धृतराष्ट्र को सिंहासन चाहिए इसके लिए दुशासन और दुर्योधन के कुकृत्यों पर अंधेपन का ढोंग तो करना पड़ेगा।'

जयवर्धन सिंह ने इसके साथ ही एक तस्वीर भी पोस्ट किया है, जिसमें देखा जा सकता है कि बीजेपी एमएलए रामेश्वर शर्मा कांग्रेस समर्थित महिला जिला पंचायत सदस्य बिजिया राजौरिया को दोनों हाथों से पकड़े हुए हैं और उन्हें जल्दीबाजी में अंदर लेकर जा रहे हैं। इस दौरान राजौरिया की चप्पल खुल गई लेकिन रामेश्वर ने उन्हें चप्पल पहनने भी नहीं दिया।

इसके पहले जयवर्धन सिंह ने एक और फोटो शेयर किया था। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि, 'मध्यप्रदेश की सबसे शर्मनाक तस्वीर। भोपाल जिला पंचायत के चुनाव में भाजपा ने लोकतंत्र और नैतिकता की सारी मर्यादाओं को तार-तार कर दिया हैं। भाजपा विधायक एक महिला जिला पंचायत सदस्य को पुलिस और प्रशासन के संरक्षण में जोर जबरजस्ती से ले जाते हुये।'

इस घटना के विरोध में कांग्रेस मीडिया विभाग की टीम शनिवार को विधायक रामेश्वर शर्मा के बंगले का घेराव करने गई थी। हालांकि, बंगले से कुछ दूर पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए वहां 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। कांग्रेस के लोग शर्मा के लिए महिला पुलिस की वर्दी भेंट लेकर गए थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि रामेश्वर शर्मा इस तरह की हरकतें करने से पहले महिला पुलिस की वर्दी पहन लिया करें।