किसानों की खड़ी फसल उजड़ने पर मदद में आए दिग्विजय सिंह, प्रशासन ने किया नुकसान की भरपाई का वादा

जावरा में प्रशासन ने रौंदी किसानों की खड़ी फसल, गुस्साए किसानों ने दिया कलेक्ट्रेट पर धरना, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के दबाव में प्रशासन ने दिया नुक़सान की भरपाई का भरोसा

Updated: Jan 13, 2021, 01:27 PM IST

किसानों की खड़ी फसल उजड़ने पर मदद में आए दिग्विजय सिंह, प्रशासन ने किया नुकसान की भरपाई का वादा
Photo Courtesy: Bhaskar

रतलाम। जावरा तहसील के रियावन इलाके में प्रशासन ने करीब पच्चीस बीघा जमीन में एक दर्जन किसानों की खड़ी फसल बरबाद कर दी। जिसके विरोध में किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने इस बात की जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री औऱ राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को दी। जिसके बाद दिग्विजय सिंह ने कलेक्टर से बात की।

दिग्विजय सिंह के बात करने के बाद कलेक्टर धरनास्थल पर किसानों से बात करने पहुंचे और आश्वासन दिया कि किसानों की फसल के नुकसान की भरपाई होगी। उन्होंने जमीन पर कब्जाधारी किसानों को बेदखल करने से पहले अपनी बात कहने का एक और मौका देने का भरोसा भी दिलाया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने किसान नेता डीपी धाकड़ से भी फोन पर चर्चा करके कलेक्टर द्वारा दिए गए आश्वासन के बारे में बताया। तब कहीं जाकर किसानों ने धरना खत्म किया।

 गौरतलब है कि बीते सोमवार को रियावन के रानीगांव मगरे इलाके में पुलिस प्रशासन में करीब 20 बीघा की लहसुन, गेहूं, चना और सरसों की खड़ी फसल नष्ट कर दी थी। किसानों की मानें तो वे पिछले तीन दशकों से यहां खेती कर रहे हैं। प्रशासन इसे सरकारी जमीन बताकर किसानों को बेदखली का नोटिस दे रहा है। कहा जा रहा है कि यह सरकारी जमीन है, जो कि वन विभाग को सौंपी जा रही है। दिसंबर में किसानों को बेदखली का नोटिस भेजा गया।

जमीन पर किसानों की गेहूं, चना, सरसों, लहसुन की फसल लगी है। जिसे दो दिन पहले प्रशासन ने जेसीबी से उजाड़ दिया। किसानों का कहना है कि उन्होंने जावरा एसडीएम, पिपलौदा तहसीलदार और पटवारी से गुहार लगाई थी कि महीने भर में वे अपनी फसल काट लेंगे, तब तक उसे नुकसान न पहुंचाया जाय। उसके बाद वे जमीन खाली कर देंगे पर किसी ने उनकी नहीं सुनी और जबरन खड़ी फसल पर जेसीबी चला दी गई। किसान नेता विवेक धाकड़ रियावन का आरोप है कि बेवजह किसानों का लाखों का नुकसान किया गया। एक माह बाद फसल कटने के बाद भी तो वन विभाग को जमीन दी जा सकती थी।

दरअसल रतलाम-बाजना सड़क बनने की वजह से वन विभाग की जमीन उसमें चली गई है। अब प्रशासन उस जमीन के बदले रियावन इलाके में 3.5 हेक्टेयर जमीन वन विभाग को दे रहा है। जब वन अफसर रियावन पहुंचे तो वहां फसल लगी थी। वन विभाग की ओर से मांग की गई थी कि उन्हें भूमि पर किसी तरह का अतिक्रमण नहीं चाहिए। जिसके बाद आनन-फानन में प्रशासन ने किसानों की खड़ी फसलों पर बुल्डोजर और जेसीबी चलवा दिया। इसी के बाद किसानों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बहरहाल अब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की मदद से किसानों को भरपाई का आश्वासन मिला है, जिससे इस मसले का आपसी सहमति से समाधान निकलने की उम्मीद बंधी है।