50 साल बाद दिखा बाढ़ का भयावह मंजर, मौसम विभाग ने कहा ख़त्म नहीं हुआ है मॉनसून का खेल

मध्य प्रदेश का उत्तरी इलाक़ा इस कदर जलमग्न है कि घर, खेत, सड़क, पुल, रेल लाइनें सब लापता हो गयी हैं। इंसान सिर छुपाने और जान बचाने की जुगत में कहीं टपरी में तो कहीं छत पर शरण पाए है, सेना के हेलिकॉप्टर से लोगों को एयरलिफ़्ट किया जा रहा है

Updated: Aug 05, 2021, 08:22 AM IST

50 साल बाद दिखा बाढ़ का भयावह मंजर, मौसम विभाग ने कहा ख़त्म नहीं हुआ है मॉनसून का खेल

भोपाल। मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में आई बाढ़ ने लाखों लोगों के जीवन को अनिश्चितता में डाल दिया है। भिंड, दतिया, श्योपुर से आ रही तस्वीरों में एक के बाद एक भयावह मंज़र नुमाया हो रहे हैं। कहीं लोग छतों पर २४ घंटे से टंगे हैं तो कहीं टपरी में छुपे बैठे हैं। कहीं हेलिकॉप्टर से लिफ्ट किया जा रहा है तो ज्यादातर लोग इससे भी डर रहे हैं। चौतरफा पानी में फंसे लोग असुरक्षा के अनिश्चितकालीन भय में जी रहे हैं।

आलम ये है कि सड़के बह गयी हैं, ट्रेनों को आगे जाने के लिए पंद्रह पंद्रह घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। लोग भूखे प्यासे सुरक्षित ठिकानों पर फंसे हैं। सरकार की राहतें लगभग 6000 लोगों तक पहुंची है। लेकिन अनेक अब भी बाढ़ में कटे हुए हैं। खबर है कि इन इलाकों से 25 लोग लापता हैं और 7 लोगों की मौत की खबर है।

नदियों का उफान खेत, खलिहान, घर, सड़क, पुल सब तोड़ते हुए बढ़ रहा है। इस हाल में लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि कैसे बचाव करें। अपनी आंखों के सामने अपने सपने के डूबते, अपनों को बिछड़ते देख रहे हैं लोग। अपनी आंखों से अपने घर को डूबते देखकर एक बेघर परिवार ने बताया कि उन्होंने 50 साल में उन्होंने ऐसी त्रासदी कभी नहीं देखी।  

पार्वती नदी के किनारे बसे ग्वालियर के भितरवार के रहने वाले लोगों ने कहा कि पार्वती नदी को इतना विकराल रूप धारण करते उन्होंने 50 साल पहले आई बाढ़ में भी नहीं देखा था। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि भितरवार गांव में 1971 में जब त्रासदी आई थी, तब भी इतना जलजमाव नहीं हुआ था। तब भी गांव खाली करा लिए गए थे, लेकिन जो मंजर बीते चार पांच दिनों में दिखा वो उन्होंने अपनी नजरों से पहले नहीं देखा था। बुजुर्ग बताते हैं कि इस बार तो पानी ने नगर को भी अपनी चपेट में ले लिया है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल अंचल- भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना का इलाका पहले तो बारिश की कमी से जूझता रहा। जून, जुलाई का महीना सूखे में निकल गया और अब बारिश ने आफत ला दी। मौसम विभाग ने बताया कि अकेल श्योपुर में अबतक 138 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गयी है। श्योपुर में अब तक 855 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। शिवपुरी में 932 मिलीमीटर और गुना में 907 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। अगले चौबीस घंटे गुना और श्योपुर के लिए और भारी होने का अंदेशा है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, भिंड में भी वर्षा बनी रहेगी।