जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण प्रक्रिया में ओबीसी को मात्र 4 सीटें, एससी को 8 सीटें, एसटी को 14 सीटें आरक्षित और 26 सीटें अनारक्षित घोषित

भोपाल अनारक्षित महिला, ग्वालियर अनुसूचित जाति महिला, इंदौर अनुसूचित जाति महिला, जबलपुर अनुसूचित जनजाति घोषित।

Updated: May 31, 2022, 02:17 PM IST

जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण प्रक्रिया में ओबीसी को मात्र 4 सीटें, एससी को 8 सीटें, एसटी को 14 सीटें आरक्षित और 26 सीटें अनारक्षित घोषित

भोपाल। मध्यप्रदेश में 52 जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण प्रक्रिया चल रही है जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग को 4 सीटें, अनुसूचित जाति को 8 सीटें, अनुसूचित जनजाति को 14 सीटें आरक्षित हुई है तथा 26 जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित हुए है। वर्ष 2014-15 के पंचायत चुनाव में ओबीसी के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष पद के 13 पद आरक्षित थे जो कि इस बार घटकर सिर्फ 4 रह गए हैं जिनमें 2 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए जिन 4 सीटें का आरक्षण हुआ है वे गुना, शाजापुर, दमोह (महिला), मंदसौर (महिला) शामिल है। वहीं जिन 8 जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अनुसूचित जाति का आरक्षण हुआ है उनमें इंदौर(महिला), ग्वालियर(महिला), खंडवा, छिंदवाड़ा, सिवनी, कटनी, रतलाम(महिला), देवास(महिला) शामिल है।
इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अनुसूचित जनजाति के जिन 14 सीटों का आरक्षण हुआ है उनमें अलीराजपुर (महिला), बुरहानपुर, बड़वानी, डिंडोरी, हरदा, नर्मदापुरम (महिला), झाबुआ (महिला), मंडला, नरसिंहपुर (महिला), रीवा (महिला), सतना, श्योपुर (महिला), सिंगरोली (महिला) शामिल है।

यह भी पढ़ें...दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज को लिखा पत्र, रायसेन के सरकारी कार्यक्रम में भाजपा की सदस्यता दिलाने को लेकर उठाए गंभीर सवाल
इसके अलावा 26 अनारक्षित जिला पंचायत अध्यक्ष पदों में आगर मालवा, अनूपपुर (महिला), अशोकनगर, भिंड (महिला), बालाघाट, बैतूल, भोपाल (महिला), छतरपुर (महिला), दतिया, धार, खरगोन, मुरैना (महिला), नीमच, निवाड़ी (महिला), पन्ना (महिला), रायसेन, राजगढ़, सागर, शहडोल (महिला), सीधी (महिला), सीहोर, शिवपुरी, टीकमगढ़ (महिला), उज्जैन (महिला), उमरिया (महिला), विदिशा (महिला) अनारक्षित हुए हैं।

वहीं इसके अतिरिक्त आज प्रदेश के नगरीय निकायों के चुनावों के लिए नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का आरक्षण भी 31 मई को होगा, दोपहर 3 बजे रविंद्र भवन के ऑडिटोरियम में आरक्षण की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौर पद के लिए नया आरक्षण नहीं होगा। महापौर के लिए दिसंबर 2020 में कराई गई आरक्षण प्रक्रिया ही मान्य होगी।