इंदौर में भर्ती सत्याग्रह का चौथा दिन, नौकरी के लिए रात दिन संघर्ष कर रहे युवा, प्रशासन ने काटा बिजली कनेक्शन

चार दिन से इंदौर में सड़क पर धरना दे रहे बेरोज़गार युवाओं को हटाने के लिए प्रशासन ने धरनास्थल की लाइट काट दी, फिर भी मोमबत्ती जलाकर मृत भर्तियों को श्रद्धांजलि देते हुआ अंधेरे भविष्य की तरह इसका सामना करते रहे

Updated: Sep 24, 2022, 06:23 PM IST

इंदौर में भर्ती सत्याग्रह का चौथा दिन, नौकरी के लिए रात दिन संघर्ष कर रहे युवा, प्रशासन ने काटा बिजली कनेक्शन

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के भर्ती सत्याग्रह का आज चौथा दिन है। पिछले चार दिनों से सैंकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं दिन रात सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। छात्रों का सत्याग्रह खत्म कराने के लिए प्रशासन ने शुक्रवार देर रात विद्युत सप्लाई बाधित कर दिया। इसके बावजूद सैंकड़ों स्टूडेंट्स सत्याग्रह पर डटे रहे।

प्रदर्शनकारी युवा रंजीत रघुवंशी ने कहा कि, 'युवाओं की आवाज को दबाने के लिए सरकार हरसंभव तिकड़म अपना रही है। शुक्रवार को बिजली विभाग ने धरनास्थल का विद्युत सप्लाई बंद कर दिया। सरकार की मंशा थी कि अंधेरे से डराकर हम युवाओं को भगा दिया जाए। लेकिन हम सरकार को बताना चाहते हैं कि अंधेरे से ही हमारी लड़ाई है। हमारा भविष्य अंधकार में न जाए इसीलिए हम सत्याग्रह कर रहे हैं।' 

बता दें कि शुक्रवार रात जब विद्युत सप्लाई बाधित हुई तो युवाओं का जमावड़ा और अधिक बढ़ गया। शाम तक प्रदर्शनकारियों की संख्या सैंकड़ों में थी वह करीब एक हजार तक पहुंच गई। प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता का परिचय देते हुए वे छात्र जो अबतक आंदोलन से दूर थे वह भी हाथों में कैंडल लिए धरनास्थल पर पहुंच गए। अभ्यर्थियों ने यहां कैंडल जलाकर "मृत भर्तियों" को श्रद्धांजलि दी।

खास बात यह है कि इस सत्याग्रह को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। स्थानीय कारोबारी से लेकर नौकरीपेशा हर वर्ग के लोग युवाओं को इस जायज लड़ाई में आगे बढ़ने के लिए हौसला बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शनकारी इस बात को लेकर जरूर दुःखी दिखे कि उन्हें मीडिया का समर्थन नहीं मिल रहा है। एग्रीकल्चर के छात्र रंजीत रघुवंशी ने बताया कि मीडियाकर्मी भी अंदर से हमारे जायज मांगों के साथ खड़े हैं। लेकिन संस्थानों पर सरकार का दबाव है। इसलिए वे हमारे मुद्दे को जोरशोर से नहीं उठा पा रहे हैं। 

उधर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छात्रों की मांग का समर्थन किया है। कमलनाथ ने ट्वीट किया, 'मध्य प्रदेश के इंदौर में MPPSC के हज़ारों अभ्यर्थियों द्वारा अनिश्चितकालीन "भर्ती सत्याग्रह आन्दोलन" किया जा रहा है। मुझे इन बच्चों की चिंता है, इनके भविष्य की चिंता है, इनके माता-पिता के सपनों की चिंता है। मैं इन बच्चों के साथ खड़ा हूँ और सरकार से मांग करता हूँ कि जल्द से जल्द इनकी सभी मांगों को सुना जाए और उनका त्वरित निराकरण किया जाए।'

बता दें कि सरकारी भर्तियों में अपनी किस्मत आजमा चुके बेरोजगार कैंडिडेट्स अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भोलाराम उस्ताद चौराहे पर स्थित दीनदयाल पार्क के पास धरने पर बैठे हैं। नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के बैनर तले यह सत्याग्रह 28 सितंबर तक चलेगा। यह आंदोलन का पहला चरण है। सत्याग्रह के दौरान एक टीम अलग-अलग जिलों में जाकर विभिन्न छात्र संगठनों और कैंडिडेट्स को इस भर्ती सत्याग्रह आंदोलन से जोड़ने के काम में लगी हुई है। 

आंदोलन के दूसरे चरण में प्रदेशभर के युवा अपने अपने जिलों से राजधानी भोपाल के लिए पैदल कुच करेंगे। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांगों में MPPSC की 2019-20-21 की भर्ती पूरी करने। OBC आरक्षण मुद्दा हल करने। व्यापमं के 1 लाख पदों, SI, पटवारी, कांस्टेबल, एग्रीकल्चर, बैंकिंग व अन्य की भर्ती पूरी करने। रिटायरमेंट की उम्र 58 वर्ष करने। शिक्षक वर्ग 1,2,3 की पद वृद्धि व भर्ती करने। 5 हजार रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने, संविदा भर्ती व आउट सोर्सिंग भर्ती बंद करने की मांग शामिल है।