सिंधिया बोले- मेरे नाम से कांग्रेस को खुजली क्यों होती है, कांग्रेस का जवाब- क्योंकि आप खटमल हैं

जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सिंधिया के खुजली वाले बयान पर कांग्रेस का करारा पलटवार, विवेक त्रिपाठी बोले- महाराज की खून चूसने की पुरानी आदत है

Updated: Aug 17, 2021, 06:27 PM IST

सिंधिया बोले- मेरे नाम से कांग्रेस को खुजली क्यों होती है, कांग्रेस का जवाब- क्योंकि आप खटमल हैं
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भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की जन आशीर्वाद यात्रा शुरू होते ही विवादों में आ गई है। देवास में सिंधिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरा नाम जब भी आता है तो कांग्रेस को बड़ी खुजली होने लगती है। सिंधिया के इस बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि आपका नाम सुनते ही लोगों को इसलिए खुजली होने लगती है, क्योंकि आप खटमल हैं।

दरअसल, मंगलवार से सिंधिया मध्य प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने देवास में जन आशीर्वाद दौरे की शुरुआत क्षिप्रा के अभिषेक के साथ किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र से मेरे संबंध राजनीतिक नहीं पारिवारिक हैं। मैं यहां की जनता के लिए पूरी तरह समर्पित हूं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश कोने-कोने तक पहुंचाने आया हूं।

सिंधिया के इस यात्रा को लेकर विवाद तब बढ़ गई जब उन्होंने अपने पुराने पार्टी कांग्रेस की तुलना गिरगिट से कर दी। सिंधिया ने कहा, 'कांग्रेस गिरगिट की तरह है। हर वक़्त रंग बदलती रहती है। उनके बारे में मैं क्या ही कहूं। जो काम कांग्रेस ने पिछले 70 वर्षों में नहीं किया, नरेंद्र मोदी ने इतने कम समय में उसे पूरा कर दिखाया है।' सिंधिया यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि मेरा नाम जब भी आता है, कांग्रेस को बड़ी खुजली होती है। मैं उनकी टीका टिप्पणी का स्वागत करता हूं।’

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सिंधिया के इस खुजली वाले बयान पर कांग्रेस ने करारा तंज कसा है। मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा है कि लोगों को सिंधिया का नाम सुनते ही इसलिए खुजली होने लगती है, क्योंकि वे खटमल हैं। त्रिपाठी ने कहा, 'सिंधिया कांग्रेस में रहते हुए भी लोगों के खून चूसते थे और बीजेपी में जाने के बाद भी खून चूस रहे हैं। महाराज की खून चूसने की पुरानी आदत है। उन्हें कार्यकर्ताओं से कोई मतलब नहीं है। उनका अगला फोकस है निगम मंडलों में अधिक से अधिक अध्यक्ष बनाने पर ताकि उनपर लक्ष्मी माता की कृपा बनी रहे और उनके आय के स्रोत खत्म न हों पाएं।'