Kanpur Encounter : विकास दुबे उज्‍जैन पहुंचा कैसे

गिरफ्तारी या सरेंडर : कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

Publish: Jul-09, 2020, 06:22 PM IST

Kanpur Encounter : विकास दुबे उज्‍जैन पहुंचा कैसे

भोपाल। यूपी के कुख्‍यात गैंगस्‍टर विकास दुबे के उज्‍जैन में गिरफ्तार होने के बाद विभिन्‍न पहलुओं की पड़ताल हो रही है। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने पुलिस को बधाई दी है। मगर कांग्रेस ने सवाल किया है कि इसमें पुलिस की क्‍या सफलता है? सवाल तो यह है कि विकास दुबे आखिर उज्‍जैन तक पहुंचा कैसे?

मीडिया सूत्रों के अनुसार विकास दुबे की गिरफ्तारी के घटनाक्रम में भी अंतर आ रहा है। पुलिस का कहना है कि उसे शक होने पर सुरक्षाकर्मी ने महाकाल परिसर में रोका और पुलिस के हवाले किया है। जबकि प्रारंभ में जानकारी मिली थी कि विकास ने मंदिर में दर्शन के बाद खुद चिल्‍लाना शुरू कर दिया था।

इसके साथ ही प्रश्‍न यह भी उठ खड़ा हुआ है कि आखिर विकास दुबे उज्‍जैन तक पहुंच कैसे गया। उसकी खोज में यूपी पुलिस सरगर्मी से जुटी थी। उसके साथियों का एनकाउंटर किया जा रहा था। यूपी पुलिस को शक था कि विकास दुबे दिल्‍ली या नोएडा में कहीं छिपा है। यूपी पुलिस ने 40 से अधिक टीम बना कर विकास दुबे की तलाशी अभियान चलाया हुआ था। इसी क्रम में शहडोल से विकास दुबे के साले और भांजे को भी हिरासत में लिया गया है।

एमपी के गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा कह रहे हैं कि विकास दुबे के फरार होने के बाद ही एमपी पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। फिर इतनी सख्‍ती के बाद विकास दुबे उज्‍जैन पहुंचने में कामयाब हो गया।

कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने ट्वीट कर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूछा है कि शिवराज जी,आप कह रहे हैं, महाकाल में आने से किसी के पाप नहीं धूल जाएंगे, प्रश्न यह है महाकाल (उज्जैन) तक वह प्रदेश की किस सीमा से घुसा?मंदिर प्रवेश ऑनलाइन है,आधार कार्ड किसका है,क्या इतने कुख्यात आरोपी को एक निहत्था सुरक्षाकर्मी पकड़ सकता है? आप ट्वीट नहीं कुहासा स्पष्ट कीजिए!

यूपी के पूर्व सीएम और सपा नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट कर पूछा है कि ख़बर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ़ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।

गैंगस्‍टर होने और साथियों के साथ होने के बाद भी विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद की बॉडी लेंग्‍वेज भी बहुत सहज और कूल दिखाई दे रही है। पुलिस भी उसे बड़ी आसानी से कम सुरक्षा साधनों से ले जा रही थी। इससे प्रतीत होता है कि विकास दुबे को गिरफ्तार नहीं किया गया बल्कि उसने सरेंडर किया है।