आज पैमाना हटा दो यारों... मयखाने में पहुंचा शराबी बंदर, जमकर छलकाए जाम, वीडियो वायरल

मध्यप्रदेश के मंडला जिले में जाम का मुरीद हुआ बंदर, अंग्रेजी शराब की दुकान में घुसकर पीने लगा व्हिस्की, निपुणता देख दंग रह गए लोग

Updated: Jul 15, 2021, 10:27 AM IST

आज पैमाना हटा दो यारों... मयखाने में पहुंचा शराबी बंदर, जमकर छलकाए जाम, वीडियो वायरल

मंडला। मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन अपनी कालजयी रचना मधुशाला में कह गए हैं, 'अब न रहे वो पीने वाले अब न रही वो मधुशाला'। बच्चन साहब की इन पंक्तियों को गलत साबित करने के लिए मध्यप्रदेश के मंडला में हमारे पूर्वज यानी बंदर मैदान में आ गए। इस बंदर के कारनामें देख आपको कुमार सानू द्वारा गाई हुई बॉलीवुड की मशहूर गीत की वह पंक्ति भी याद आएगी "आज पैमाने हटा दो यारों"।

दरअसल, मध्यप्रदेश के मंडला में एक बंदर को शराब की लत लग गई है। भारत में इंसान तो शराब के नशे में मदहोश मिल जाते हैं, लेकिन बंदर के शराबखोरी का यह मामला अनोखा है। यह बंदर कान्हा नेशनल पार्क का रहने वाला है। लेकिम मंडला जिले के बहमनी बंजर गांव में स्थित एक अंग्रेजी शराब की दुकान पर यह प्रतिदिन जाम छलकाने आता है।

यह भी पढ़ें: मुर्गा-दारू स्पॉन्सर करने से मना करने पर शराबखोरों ने तीन युवकों को पेड़ से बांधकर पीटा

स्थानीय लोगों के मुताबिक यह बंदर पिछले हफ्ते शराब ठेके के आसपास पहली बार दिखा था। इस दौरान ठेके के बाहर फेंकी बोतलों में बचे हुए कुछ शराब को उसने पी लिया था। इसके बाद यह रोज की उसकी आदत बन गई और हफ्ते भर में वह शराबी हो गया। हद्द तो तब हुआ जब आज ये बंदर शराब पीने के चक्कर में ठेके के भीतर दाखिल हो गया। 

ठेके का एक कर्मचारी जब उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने उसे काट भी लिया। इसके बाद अन्य कर्मचारी डर से उसे हाथ न लगाने में ही गनीमत समझी। बंदर ने यहां अपने पसंद से व्हिस्की की एक बोतल निकाली और निपुण शराबियों के जैसे सील तोड़कर मजे से जाम छलकाने लगा। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उसे स्नैक्स भी ऑफर किया लेकिन उसे शराब के अलावा और कुछ नहीं चाहिए था। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें बंदर को इत्मीनान से जाम छलकाते देखा जा सकता है।

ठेके के कर्मचारी रोहित शर्मा ने बताया कि व्हिस्की पीने के बाद बंदर ने वहां प्लास्टिक मग में रखे पानी को पीया और हिलते-डुलते जंगलों की ओर चला गया। शर्मा के मुताबिक अगले दिन से वे बंदर को भगाने का उपाय कर रखेंगे, क्योंकि हर दिन मुफ्त में व्हिस्की पिलाकर ठेके को घाटा नहीं करा सकते। 

यह भी पढ़ें: तीसरा बच्चा हुआ तो आप नौकरी के लायक ही नहीं- ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर फॉरेस्ट एक्सपर्ट्स का कहना है कि कान्हा नेशनल पार्क में बने होटलों, रेस्टारेंट का वेस्टेज होटलों के अगल- बगल खुले में फेंक दिया जाता है, इसी वजह से अब जंगली जानवर भी नशे के गिरफ्त में जा रहे हैं।' बता दें कि सेंट किट्टी द्वीप पर शरबखोर बंदरों के किस्से खुब प्रचलित हैं। यहां पर्यटकों से छीनकर शराब पीना बंदरों की पुरानी आदत है। हालांकि, भारत में इस तरह के मामले कम ही देखे जाते हैं।