चपरासी, माली, वॉटरमैन बनने तैयार हैं, MA, MEd पास बेरोजगार, बोले जब वैकेंसी नहीं निकलेगी तो डिग्री का क्या करेंगे

ग्वालियर में चतुर्थ श्रेणी के 15 पदों के लिए इंटरव्यू देने पहुंचे 11 हजार से ज्यादा बेरोजगार,सरकारी नौकरी की आस में पड़ोसी राज्यों से भी उच्च शिक्षित उम्मीदवार भाग्य आजमाने आए

Updated: Dec 25, 2021, 06:01 PM IST

चपरासी, माली, वॉटरमैन बनने तैयार हैं, MA, MEd  पास बेरोजगार, बोले जब वैकेंसी नहीं निकलेगी तो डिग्री का क्या करेंगे
Photo Courtesy: bhaskar

ग्वालियर। जिला कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी के 15 पदों की भर्ती साक्षात्कार के माध्यम से हो रही है। शनिवार और रविवार को होने वाली इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए मध्यप्रदेश के साथ-साथ यूपी, राजस्थान के उच्च शिक्षित बेरोजगार भी पहुंचे। सरकारी दफ्तर में प्यून की नौकरी पाने के लिए शनिवार को ही 11082 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया। इनमें से ज्यादातर उम्मीदवार ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और प्रोफेशनल डिग्री लिए हुए हैं। कई उम्मीदवार, BSc, MSc, BA, MA, MEd, BBA कर चुके हैं।

अब वे 10वीं की योग्यता वाले पद ड्राइवर, वॉचमैन, माली, स्वीपर और चपरासी बनने को तैयार हैं। उनका कहना है कि जब उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी मिल ही नहीं रही तो ऐसी डिग्रियों का क्या करेंगे। कई साल से सरकार ने परीक्षाए नहीं लीं, जो परीक्षाएं हुई भी उनके रिजल्ट औऱ पोस्टिंग अटकी हुई है। परीक्षा पास होने के बाद भी पोस्टिंग के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। ऐसे में अब 10-12 हजार की सरकारी नौकरी पाने के लिए कोशिश करना पड़ रहा है।

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ग्वालियर जिला कोर्ट में इंटरव्यू की प्रोसेस के लिए 11 बोर्ड बनाए हैं। 15 पदों के लिए शनिवार और रविवार को इंटरव्यू होंगे। कोर्ट परिसर में बढ़ती भीड़ देख पुलिस को तैनात करना पड़ा। बोर्ड द्वारा उम्मीदवारों का इंटरव्यू 3 से 4 मिनट लिया जा रहा है। कुछ लोगों का इंटरव्यू 10-15 मिनट तक भी चला है। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को कलेक्ट्रेट रेट पर 6,500 से 12,500 रुपए महीने का वेतन दिया जाएगा। बेरोजगार युवकों का कहना है कि सरकारी नौकरी चाहिए चाहे वेतन कम ही क्यों ना मिले। उच्च शिक्षत बेरोजगारों की मांग है कि उन्हें सरकारी नौकरी का मौका दिया जाए। लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में युवा ओवर एज हो रहे हैं, और अपनी योग्यता से कम की नौकरी करने को तैयार हैं।