MP कांग्रेस में केदार सिरोही को मिली अहम जिम्मेदारी, कृषि एवं कृषक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नियुक्त

किसानों के हक की लड़ाई लिए सिंगापुर की नौकरी तक छोड़ चुके हैं सिरोही, कृषि क्षेत्र का है लंबा अनुभव, किसान आंदोलनों में रही है सक्रिय भूमिका

Updated: Sep 13, 2021, 03:28 PM IST

MP कांग्रेस में केदार सिरोही को मिली अहम जिम्मेदारी, कृषि एवं कृषक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नियुक्त

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से मिशन मोड में जुटी हुई है। संगठनात्मक रूप से पार्टी को मजबूत बनाने के लिए कांग्रेस में नियुक्तियों का दौर जारी है। कांग्रेस ने किसान नेता केदार सिरोही को अहम जिम्मेदारी दी है। सिरोही को प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित कृषि एवं कृषक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

माना जा रहा है कि केदार सिरोही को कृषक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाने से बीजेपी के खिलाफ किसानों को लामबंद करने में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। उपचुनावों को लेकर भी केदार सिरोह की नियुक्ति अहम मानी जा रही है। कृषि पर आधारित अर्थव्यवस्था वाले मध्य प्रदेश में किसानों का रुख सत्ता परिवर्तन में निर्णायक रहा है। किसानों के लोन माफी का वादा कर ही साल 2018 में कांग्रेस ने 15 साल बाद दमदार वापसी की थी।

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कृषक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाए जाने पर केदार सिरोही ने कमलनाथ का आभार जताया है। सिरोही ने कहा है कि मैं कांग्रेस पार्टी द्वारा दी गई सभी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। उन्होंने कहा कि, 'सीएम शिवराज किसानों का चोला ओढ़कर किसानों के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। बीजेपी सरकार का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। किसानों ने इन्हें 2018 में भी सत्ता से बेदखल कर दिया था लेकिन खरीद फरोख्त कर दुबारा आ गए हैं। इस बार प्रदेश के किसान इन्हें दोगुनी ताकत से उखाड़ फेंकेंगे।' 

केदार सिरोही ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसान आज आत्महत्या करने को मजबूर हैं। सरकार कॉरपोरेट मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए खराब क्वालिटी के बीज सप्लाई करने में जुटी हुई है। उधर दिल्ली बॉर्डर पर 9 महीने से अन्नदाता अपनी जायज मांगों को लेकर बैठे हुए हैं, लेकिन सरकार तीन काले कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही ताकि उनके कॉरपोरेट मित्र नाराज न हो जाएं। सैंकड़ों किसानों की मौत हो चुकी है लेकिन बात-बात पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंखें गीली नहीं हुई। सरकार के इस बेशर्मी का जवाब किसान जरूर देंगे।' 

बता दें कि केदार सिरोही कृषि विशेषज्ञ के तौर पर जाने जाते हैं। उन्होंने कृषि अर्थव्यवस्था में मास्टर्स  डिग्री हासिल की है। केदार ने कृषि क्षेत्र में कई सालों तक देश विदेश में काम किया है। वे बतौर कृषि विशेषज्ञ सिंगापुर में नौकरी करते थे। सिंगापुर में तीन साल काम करने के बाद वह वापस मध्य प्रदेश आए और नौकरी छोड़कर किसानों के हक की लड़ाई को अपना ध्येय बनाया। वे आम किसान यूनियन के संस्थापक सदस्य रह चुके हैं साथ ही दिल्ली में चल रहे आंदोलन के नेतृत्व करने वाले संयुक्त मोर्चा के सदस्य भी हैं।