कमलनाथ सरकार गिरने के दो साल: प्रदेश भर में कांग्रेस मना रही है लोकतंत्र सम्मान दिवस

मध्य प्रदेश में जनता द्वारा चुनी गई कमलनाथ सरकार के गिरने के दो साल पूरे हो गए हैं, कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रदेशभर में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, कमलनाथ ने इस मौके पर वीडियो संदेश जारी किया है

Updated: Mar 20, 2022, 05:09 PM IST

कमलनाथ सरकार गिरने के दो साल: प्रदेश भर में कांग्रेस मना रही है लोकतंत्र सम्मान दिवस

भोपाल। मध्य प्रदेश में जनता द्वारा चुनी हुई कांग्रेस सरकार के गिराए जाने के आज दो साल पूरे हो गए हैं। प्रदेश भर में कांग्रेस नेताओं द्वारा इस मौके पर तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर रविवार 20 मार्च को लोकतंत्र सम्मान दिवस मनाया जा रहा है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने इस मौके पर वीडियो संदेश जारी कर कहा कि मैं वचन देता हूं, लोकतंत्र के सम्मान के लिए संघर्ष करता रहूंगा।

दो साल पूर्व 20 मार्च 2018 को जब कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था तब राजधानी भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जिस तरह गहमागहमी थी, आज भी कुछ वैसा ही नजारा देखने को मिला। कांग्रेस मुख्यालय पर आज सुबह से सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे हुए थे। कांग्रेस नेताओं ने यहां से लोकतंत्र सम्मान यात्रा निकाली। कार्यकर्ताओं ने कार्यलय के बाहर मौजूद इंदिरा गांधी की प्रतिमा से निकलकर बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा तक मार्च किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा और कांग्रेस का झंडा थामे हुए थे।

इसी तरह इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर समेत तमाम जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से तस्वीरे आई है जहां कांग्रेस जन लोकतंत्र सम्मान यात्रा निकाल रहे हैं। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता "लोकतंत्र की रक्षा कौन करेगा- हम करेंगे, हम करेंगे" के नारे लगा रहे हैं। पूर्व सीएम कमलनाथ ने इस मौके पर वीडियो संदेश जारी कर शिवराज सरकार को निशाने पर लिया है।

कमलनाथ ने कहा कि, 'मध्य प्रदेश के लोगों ने जब हमें मौका दिया तो हम जनता से किए गए अपने वचनों को पूरा करने में लग गए। किसान कर्जमाफी, गौशाला निर्माण, सस्ती बिजली, शुद्ध के लिए युद्ध, राम वन गमन पथ का निर्माण जैसे काम शुरू किया। लेकिन मध्य प्रदेश के नवनिर्माण का सपना अधूरा रह गया। नैतिक मूल्य और मर्यादाओं को कुचलते हुए सौदेबाजी कर जनादेश को मध्य प्रदेश में पलट दिया। हमने सत्य का मार्ग चुना।'

कमलनाथ ने आगे कहा कि, 'सरकार चुनना और सरकार बदलना जनता का अधिकार है। मध्य प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ कि सरकार को जनता ने नहीं बल्कि सौदेबाजी ने बदला। आज सरकार किसानों को छल रही है, गौमाता का पेट नहीं भर पा रही है, मां नर्मदा को छलनी-छलनी कर रही है। शोषित वर्गों के साथ अन्याय कर रही है, महिलाओं की सुरक्षा के साथ समझौते कर रही है, युवाओं को रोजगार के बजाए जुमले दे रही है। प्रदेश में रोज नए घोटाले हो रहे हैं। ये सरकार जनता की सरकार नहीं है। आइए हम सब मिलकर प्रदेश में जनता की सरकार बनाने का शपथ लें। मैं वचन देता हूं कि लोकतंत्र के सम्मान के लिए संघर्ष करता रहूंगा।'