NSUI मेडिकल विंग ने फूंका चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का पुतला, इस्तीफे की मांग

मध्य प्रदेश एनएसयूआई ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर विश्वास सारंग से इस्तीफे मांग की

Updated: Dec 17, 2022, 04:51 PM IST

NSUI मेडिकल विंग ने फूंका चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का पुतला, इस्तीफे की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश के मेडिकल स्टूडेंट्स ने चिकित्सा शिक्षा में व्याप्त अनिमितताओं को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहा है। इसी हफ्ते मेडिकल स्टूडेंट्स ने सीएम हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। अब छात्र संगठन एनएसयूआई की मेडिकल विंग भी मैदान में आ गई है। एनएसयूआई मेडिकल विंग ने पीसीसी मुख्यालय के बाहर शनिवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से इस्तीफे की मांग करते हुए उनका पुतला फूंका।

एनएसयूआई मेडिकल विंग के संयोजक रवि परमार ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि, 'मध्य प्रदेश में मेडिकल विश्वविद्यालय नर्सिंग काउंसिल और पैरामेडिकल काउंसिल द्वारा फर्जी मेडिकल और फर्जी नर्सिंग की मान्यता थोक में बांटी जा रही है। मंत्री सारंग मेडिकल विश्वविद्यालय और नर्सिंग काउंसिल में अयोग्य अधिकारियों को नियुक्त कर परीक्षाओं में घोटाले करवा रहे हैं, जिसकी वजह से प्रदेश के लाखों मेडिकल छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है।' 

रवि परमार ने कहा कि, 'विश्वास सारंग हर रोज देश और दुनिया की राजनीति की बात करते हैं लेकिन उनका अपने विभाग पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। उन्हें चिकित्सा शिक्षा विभाग का कोई ज्ञान नहीं है जिसकी सजा मध्य प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राएं भुगत रहे हैं।' परमार ने मेडिकल विश्वविद्यालय और मेडिकल कालेजों में रिक्त पदों के लिए शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की जिससे विभाग की व्यवस्थाओं में सुधार हो सके। 

परमार ने बताया कि मेडिकल विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं की परीक्षाएं पिछले तीन सालों से नहीं हुई। लेकिन मेडिकल विश्वविद्यालय द्वारा पिछले महीने लाखों रूपए का लेनदेन कर सैकड़ों फर्जी नर्सिंग कॉलेजों को 2020-21 सत्र की मान्यता दी गई जिससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश में विश्वास सारंग बड़ा घोटाला कर रहे है। नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े से करीब 15 हजार छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद 93 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी गई थी, लेकिन उसके बाद 80 नर्सिंग कॉलेजों मान्यता 1 महीने के अंदर ही बहाल कर दी गई।

रवि परमार ने कहा कि मेडिकल कालेजों में नर्सिंग ऑफिसर और कर्मचारियों के स्थानांतरण और आपसी सहमति से अदला बदली का नियम है। इसमें अविलंब बदलाव कर सामान्य प्रशासन के जो नियम हैं वो लागू किए जाएं। नियम 10अ का संशोधन किया जाए और नवीन नियुक्ति में वरिष्ठता का ध्यान रखा जाए। साथ ही प्रतिनियुक्ति कम से कम 15 साल के लिए मान्य की जाए। एनएसयूआई ने विश्वास सारंग के इस्तीफे की मांग करते हुए हुए कहा कि अगर जल्दी विश्वास सारंग इस्तीफा नहीं देंगे तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश में उग्र प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी।