हम मुसीबतों से उबर भी न पाए कि हुकूमत ने हमें एक नया तोहफा दे दिया- बिजली बिल पर बोले मंजर भोपाली

मशहूर शायर मंजर भोपाली के घर आया 36 लाख का बिजली बिल, शायर बोले- बिल देखकर होश उड़ गए, आंखों के सामने अंधेरा छा गया, रोशनी क्या होती है कुछ देर के लिए ये भी भूल ही गए

Updated: Jun 07, 2021, 01:54 PM IST

हम मुसीबतों से उबर भी न पाए कि हुकूमत ने हमें एक नया तोहफा दे दिया- बिजली बिल पर बोले मंजर भोपाली
Photo Courtesy: Patrika

भोपाल। "मध्यप्रदेश हुकूमत ने पिछले 40 साल में आज तक मुझे कोई अवार्ड नहीं दिया था। हुकूमत से अब मुझे लॉकडाउन का तोहफा मिला है। इसे मैं अपनी लाइब्रेरी में रखूंगा। मेरे लिए ये यादगार पल है।" यह कहना है अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर मंजर भोपाली का, जिन्हें बिजली विभाग ने 36 लाख 86 हजार 660 रुपए का बिल थमाया है।

भारी भरकम बिजली बिल को लेकर मंजर भोपाली ने हम समवेत से बातचीत के दौरान कहा, '36 लाख का बिल देखकर मेरे होश उड़ गए। आंखों के सामने अंधेरा छा गया। कुछ पल के लिए तो ये भी भूल गए कि रोशनी क्या चीज होती है। हुकूमत से मुझे लॉकडाउन का तोहफा मिला। इसे मैं अपनी लाइब्रेरी में रखूंगा। मेरे लिए ये यादगार पल है।' 

उन्होंने कहा, 'जिंदगी के दो पल मेरे ऐसे हैं, जिसे मैं हमेशा याद रखूंगा। एक पल वो था जब मुझे अमेरिका में सम्मानित नागरिकता दी गई थी। वो मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और सुनहरा पल था। आज जो 36 लाख का बिल आया है, ये मेरे लिए काला लम्हा है जो मैं हमेशा याद रखूंगा। हम मुसीबतों से उबर भी नहीं पाए कि हुकूमत ने हमें एक नया तोहफा दे दिया।'

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मध्य प्रदेश बिजली बोर्ड ने मशहूर शायर के घर 36 लाख 86 हजार 660 रुपए का बिल भेजा है। खास बात यह है कि यह बिल सिर्फ एक मई महीने का है। बिल को लेकर बवाल तब हुआ जब मंजर भोपाली ने इसे फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। मीडिया ने जब मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर से इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने दावा किया कि उनका बिल सुधारकर 11 हजार कर दिया गया है। हालांकि, मंजर भोपली को अबतक इस बात की कोई सूचना नहीं दी गई है।

मंजर भोपाली ने कल इस बारे में जानकारी देते हुए अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'एमपी गज़ब है, सब से अजब है। इस नारे की सच्चाई ये ₹ 36,86,660 का मेरे घर का एक महीने (मई) का इलैक्ट्रिक बिल दर्शाता है। माननीय मुख्य मंत्री जी इस तरह का मज़ाक कोरोना काल में एक शायर के लिए ठीक नहीं है। लॉकडाउन और कोविड की वजह से शायर के कलम की स्याही तक सूख चुकी है, ऐसे में ये 36 लाख रुपए कहां से भरे जाएं? ये बिल रिश्वत खोरी और भ्रष्टाचारी का खुला दावत नामा है।' 

मंजर भोपाली का तीन कमरे का घर राजधानी के वीआईपी रोड पर स्थित है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर गर्मी के महीनों में उनके घर 6 हजार बिजली बिल आता है, ठंड के दिनों में भी 3 से 4 हजार का ही बिल आता है। लेकिन इस बार का बिल होश फाख्ता कर रहा है। शायद शासन ने कोई मज़ाक किया है.. उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री न जाने किस आधार पर बिल सुधारने का दावा कर रहे हैं, जबकि विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि तीन दिन बाद वे इसकी जांच करेंगे।